नवाचार के लिए जाने जाते हैं सतना के नए कलेक्टर विशेष गढ़पाले
सतना। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटते ही शासन ने शनिवार रात आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी की है। इसमें सीधी-सिंगरौली के एसपी सहित सतना कलेक्टर भी बदले गए हैं। विधानसभा चुनाव के कुछ दिनों बाद ही जिले की कमान संभालने वाले कलेक्टर सतेंद्र सिंह को उप सचिव मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब जिले की कमान 2008 के आईएएस अधिकारी विशेष गढ़पाले को सौंपी गई है।
छवि एक तेज-तर्राट अधिकारी की
खंडवा से सतना कलेक्टर बनाए गए विशेष गढ़पाले की छवि एक तेज-तर्राट अधिकारी की रही है। इसके साथ ही ये नवाचारों के लिए भी जाने जाते हैं। करीब एक साल पहले खंडवा जिले की कमान संभालने वाले गढ़पाले ने शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य मुद्दों पर काम भी किए। कटनी कलेक्टर रहने के दौरान विशेष गढ़पाले ने अधिकारी-कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए लोक सेवक ऐप का निर्माण कराया। ऐप के माध्यम से ही अधिकारी-कर्मचारियों को आने-जाने के समय हाजिरी लगानी पड़ती थी। उनके इस नवाचार को प्रदेश स्तर पर काफी सराहना मिली थी।
भारत निर्माण कोचिंग की शुरुआत की
इसके साथ उन्होंने बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराने के लिए भारत निर्माण कोचिंग की भी शुरुआत की थी। इसी पहल के कारण सरकारी स्कूलों के करीब २१ बच्चे नवोदय स्कूल में चयनित हुए थे। गढ़पाले ने सरकारी स्कूलों में ऑडियो-वीडियो लर्निंग कॉसेप्ट पर काम किया। इनका यह नवाचार भी प्रदेशभर में सराहा गया। कुषोषित बच्चों के लिए भी खंडवा कलेक्टर के रूप में कई काम किए।
फूलों की माला नहीं स्वीकारते
किसी भी सरकारी कार्यक्रम में स्वागत-सत्कार के दौरान फूलों की माला नहीं स्वीकारते थे। उसके स्थान पर बिस्किट से स्वागत करवाते थे। जब काफी मात्रा में बिस्किट एकत्रित हो जाता था तो उसे कुपोषित बच्चों के लिए बांट देते थे। गढ़पाले का विवादों से भी नाता रहा। रासुका लगाए जाने का मामला देशभर में चर्चा में आया तो एक्ट्रोसिटी एक्ट जब चर्चा में आया तो उन पर पक्षपात के आरोप लगे थे।