
सतना. राज्य निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रमानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग वर्मा ने जिले में त्रि-स्तरीय पंचायतो के आम निर्वाचन 2022 के लिये जिला पंचायत सदस्य के 26 पद, जनपद पंचायत सदस्य के 191, ग्राम पंचायत के 695 सरपंच पद और 11826 पंच पदो के निर्वाचन की सूचना सोमवार 30 मई को जारी कर दी है। इसके साथ ही संबंधित सभी पदों के लिये नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त करने का काम शुरू हो गया है। निर्वाचन की सूचना के प्रकाशन के साथ ही पदो के आरक्षण की सूचना एवं मतदान केन्द्रो की सूची का प्रकाशन भी 30 मई को कर दिया गया है। पहले दिन जिला पंचायत सदस्य पद के लिये कुल 26 लोगों ने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किये। इनमें रैगांव के पूर्व विधायक स्व. जुगुल किशोर बागरी के बेटे पुष्पराज बागरी ने भी वार्ड क्रमांक 1 से नामांकन पत्र प्राप्त किया है।
इन्होंने लिये जिपं सदस्य के फार्म
पंचायत चुनावों में सबसे ज्यादा नजर जिला पंचायत सदस्य पद के लिये है। नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होने के साथ ही पहले दिन कुल 26 लोगों ने अलग-अलग वार्डों से नामांकन दाखिल करने निक्षेप राशि जमा कर नाम निर्देशन पत्र लिये। इनमें महिपाल सिंह वार्ड 11 से, आशा सिंह वार्ड 16 से पूजा खटिक वार्ड 5 से, देवदत्त सोनी वार्ड 12 से, लाखन सिंह वार्ड 9 से, सतेन्द्र कुशवाहा वार्ड 12 से, लीला कुशवाहा वार्ड 4 से, अमित तिवारी वार्ड 15 से नामांकन फार्म लिये हैं। इसी तरह से रामजी सतनामी वार्ड 3 से, मरजीना वार्ड 23, गुलशेर हसन 23, सुभाषचंद्र बुनकर 1, नागेन्द्र सिंह 21, अवध बिहारी मिश्रा 23, अरुणा यादव 23, नीतू त्रिपाठी 26, रजनी वर्मा 25, बद्री पटेल 23, पुष्पराज बागरी ने वार्ड 1 से, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शांतिभूषण पाण्डेय की पत्नी शोभा पाण्डेय ने भी वार्ड 26 से नामांकन फार्म लिया है। एकता सिंह ने वार्ड 22से, कमल सिंह मरकाम 7, नत्थू प्रसाद पटेल 23, विद्या सागर 3, आलोक चौधरी वार्ड 3 और मोनू साकेत ने वार्ड क्रमांक 2 से नामांकन पत्र लिया है।
पुष्पराज फिर चर्चा में आए
रैगांव उप चुनाव में भाजपा के प्रबल दावेदारों में रहे पूर्व विधायक स्व. जुगुलकिशोर बागरी के बेटे पुष्पराज बागरी नामांकन फार्म लेने के साथ एक बार फिर से चर्चा में है। उपचुनाव के दौरान टिकिट न मिलने से इनकी नाराजगी को देखते हुए खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इन्हें चुनाव न लड़ने के लिये राजी किया था और आगे उनके हितों का ख्याल रखने की बात कही थी। हालांकि चुनाव के बाद से पुष्पराज भाजपा की राजनीति से लगभग हाशिये पर चल रहे हैं। हालांकि वे पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं और उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। लिहाजा राजनीतिक हलकों में इस नाम को लेकर गरमाहट आ गई है।