
सतना। बहुचर्चित परसमनिया रेपकांड की सुनवाई मंगलवार को अपर सत्र न्यायालय नागौद में हुई। अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने दुष्कर्म और पास्को एक्ट के तहत आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ के खिलाफ आरोप तय किए। अभियोजन की ओर से डीपीओ रामपाल सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय में पांच दिन का ट्रॉयल कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
ट्रायल कार्यक्रम के मुताबिक बुधवार से गवाही आरंभ होगी। इस दौरान 22 गवाहों के कथन होंगे। पहले दिन तीन गवाहों के कथन लिए जाएंगे। सुनवाई प्रतिदिन होगी। अभियोजन की ओर सभी गवाहों के बाद आरोपी के कथन होंगे। बचाव के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
एक जुलाई की रात वारदात
इसके बाद दोनों पक्षों में तर्क होंगे। बता दें कि उचेहरा थाना अंतर्गत परसमनिया में एक जुलाई की रात चार साल की मासूम को घर से अगवा कर दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। पुलिस ने आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ निवासी पन्ना टोला के खिलाफ दुष्कर्म के लिए आइपीसी की धारा 363, 376 ( एबी), पास्को एक्ट की धारा 5 (झ) (ड) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।
एेसी चली प्रक्रिया
आरोपी महेंद्र सिंह के खिलाफ मंगलवार को आरोप तय होना था। लिहाजा पुलिस और जेल का स्टाफ सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी को लेकर अपर सत्र न्यायालय पहुंचा।
न्यायालय के निर्देश पर मिला वकील
उचेहरा अधिवक्ता संघ ने मासूम के साथ दुष्कर्म के आरोपी की पैरवी नहीं करने की घोषणा की थी। मंगलवार को न्यायालय द्वारा विधिक सहायता की ओर से आरोपी को वकील देवेश प्रसाद गौतम उपलब्ध कराया गया।
ये आरोप हुए तय
अपर सत्र न्यायालय में मंगलवार सुबह डीपीओ रामपाल सिंह ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में चालान के आधार पर आरोप तय करने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ ने सभी आरोप अस्वीकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया। हालांकि आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ निवासी पन्ना टोला के खिलाफ न्यायालय में मासूम के साथ दुष्कर्म के लिए आइपीसी की धारा 363, 376 ( एबी), पास्को एक्ट की धारा 5 (झ) (ड) सहित सहपठित धारा ६ के तहत आरोप तय किए गए।
इधर गतिरोध बरकरार
लोक अभियोजन और अभिभाषक कार्यालय के बीच शुरू हुई तनातनी कम नहीं हो रही। जीपी रमेश मिश्रा ने बताया कि शासकीय अभिभाषक एवं लोक अभियोजक के जीपी-एजीपी ने मंगलवार को किसी भी कोर्ट में जघन्य और सनसनीखेज मामलों की पैरवी नहीं की।
पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप
इधर, युवक कांग्रेस ने विवेचना में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर तहसील कार्यालय के सामने धरना दिया। नायब तहसीलदार एसके दीक्षित को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा जानबूझकर घारा 307 का प्रकरण आरोपी के खिलाफ पंजीबद्ध नहीं किया। युकां ने ब्लाक कमेटी अध्यक्ष रणजीत सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन किया।