पकड़े गए आरोपियों से 38.50 लाख रुपए बरामद, फरियादी ने सिर्फ 9 लाख की लूट की दर्ज कराई थी रिपोर्ट
देवास/सतना. सतना से सराफा व्यापारी के रुपए लेकर इंदौर में भुगतान करने चार्टर्ड बस से जा रहे कर्मचारी से नकली पुलिस बनकर 55 लाख रुपए लूटे जाने की घटना का देवास पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 9 में से 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। दिलचस्प बात ये है कि फरियादी ने सिर्फ 9 लाख रुपए की लूट होना बताकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों से 38.50 लाख रुपए बरामद कर लिए गए। जबकि 7.50 लाख रुपए राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर में दान करना कबूला है। इसके अलावा बाकी रकम को खर्च करना आरोपियों ने बताया है।
यह है मामला
गौरतलब है कि सराफा व्यापारी महीप शाह के रुपए लेकर इंदौर में भुगतान करने चार्टर्ड बस से जा रहे कर्मचारी अनिल सोनी निवासी टिकुरिया टोला सतना को नकली पुलिस बने दो बदमाशों ने 19 अक्टूबर की सुबह बस ने नीचे उतारकर लूट लिया था। बदमाश कार से इस कर्मचारी को उज्जैन ले गए थे और रुपयों से भरा बैग छीन लिया था। यह वारदात देवास के भोपाल बायपास चौराहा पर हुई थी। घटना के पांचवें दिन फरियादी अनिल सोनी की शिकायत पर 23 अक्टूबर को नाहर दरवाजा पुलिस ने लूट व अन्य धाराओं में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।
पुलिस ने किया खुलासा
रविवार को एसपी चंद्रशेखर सोलंकी व एएसपी जगदीश डाबर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया, घटना की सूचना मिलने के बाद चार्टर्ड बस सहित देवास से उज्जैन के बीच कई जगह सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जिसमें एक संदिग्ध कार एमएच 12 पीजेड 4765 नजर आई। इसकी डिटेल निकाली गई तो वाहन मालिक पोपट डेडगे निवासी ग्राम नांदेड़ पुणे का पता चला। वहां जाकर वाहन चालक भावाराम निवासी सिरोही राजस्थान व विलास माने को पकड़ा गया। पूछताछ में इन्होंने अन्य साथियों के नाम मनदीप राठौर, सरबजोत उर्फ सोनू सरदार, निलेश, नरेश सभी निवासी उज्जैन, योगेश राठौर निवासी देवास, हरीश वर्मा निवासी नई दिल्ली, महेंद्र निवासी सिरोही राजस्थान बताए। मनदीप व निलेश ने नकली पुलिस बनकर वारदात की थी।
नगर निगम कर्मी भी शामिल
पुलिस ने बताया कि वारदात करने के लिए मनदीप और निलेश ने अपने परिचित नगर निगम देवास में कार्यरत योगेश राठौर से मैनपेक सेट लिया था। हरीश व महेंद्र को छोड़कर अन्य सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। रुपए लेकर सतना से रवाना होने वाले की जानकारी महेंद्र ने ही अपने साथियों को दी थी। महेंद्र सराफा व्यापारी का चालक है। महेंद्र व भावाराम राजस्थान में पास-पास के गांवों के रहने वाले हैं और दोनों वाहन चलाने काम करते हैं। वहीं आरोपी सोनू सरदार उज्जैन में बारबेरियन जिम चलाता है। पुलिस के अनुसार, फरियादी अनिल को बैग में कुल रुपयों की जानकारी नहीं थी। सराफा व्यापारी महीप शाह ने सिर्फ 9 लाख रुपए होने की बात उससे कही थी। इसलिए रिपोर्ट में 9 लाख का ही जिक्र किया गया था।