सतना

MP Election 2023: मध्यप्रदेश की इस विधानसभा में 70 साल से ‘सिंह इज किंग’

रामपुर बघेलान: 14 चुनाव में 10 बार एक ही परिवार का कब्जा
2 min read
• •
Updated: 1 Nov 2023, 12:29 AM IST
Mp election 2023: 75.8 फीसदी लोग बोले, नेता अपने फायदे के लिए करते हैं दल-बदल
Mp election 2023: 75.8 फीसदी लोग बोले, नेता अपने फायदे के लिए करते हैं दल-बदल

सतना। जिले की रामपुर बाघेलान विधानसभा सीट प्रदेश की इकलौती ऐसी सीट है जहां विधानसभा के गठन से लेकर आज तक सिर्फ एक वर्ग विशेष का कब्जा है। ब्राह्मण बाहुल्य मानी जाने वाली इस सीट पर विगत 70 साल से सिंह इज किंग का गाना बज रहा है। इस विधानसभा क्षेत्र में हर चुनाव में जातीय समीकरण भी बदले और पार्टियां भीं, लेकिन ’सिंह’ के सामने दूसरे समाज के प्रत्याशी टिक नहीं पाए और उन्हें हर बार हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह भी अब तक हुए 14 चुनावों में 10 बार एक परिवार का कब्जा रहा है।

यहीं से निकला था विंध्य का पहला मुख्यमंत्री


रामपुर बाघेलान विधनसभा का पहला चुनाव 1951 में हुआ था। तब इस सीट से गोविंद नारायण सिंह कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। वे लगातार तीन बार इस सीट से विधायक चुने गए। 1967 में संविद सरकार में मुयमंत्री चुने गए। गोविंद नारायण सिंह विंध्य के पहले विधायक थे, जो सीएम की कुर्सी तक पहुंचे।

सभी पार्टियों को मतदाताओं ने दिया मौका


रामपुर बाघेलान के मतदाताओं ने सभी पार्टियों को मौका दिया। इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि यहां से अब तक साथ सात पार्टियां चुनाव जीत चुकी हैं, लेकिन हर बार विधायक सिंह समाज का व्यक्ति ही बना है। इस सीट पर विगत 70 साल से सिंह (क्षत्रिय) बनाम सिंह (कुर्मवंशी) के बीच ही चुनावी मुकाबला चल रहा है। इनमें से 10 बार क्षत्रिय ने बाजी मारी तो चार बार कुर्मवंशी समाज से विधायक चुना गया। ब्राह्मण बहुल्य इस सीट पर आज तक कोई ब्राह्मण या एसटी, एससी प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका।

जनता चला रही परिवारवाद

14 विधानसभा चुनाव में 10 बार एक ही परिवार के लोग विधायक बने। अंतर यह है कि इस विधानसभा में नेता से अधिक मतदाता परिवारवाद के सपोर्टर रहे हैं। इसके चलते प्रदेश के पूर्व मुयमंत्री गोविंद नारायण सिंह के परिवार का इस सीट पर आज भी कब्जा है। उनकी तीसरी पीढ़ी के विक्रम सिंह वर्तमान में इस सीट से विधायक हैं।

Published on: