पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जकर तलाश में जुटी, मुम्बई में कैद किशोरी घर पहुंची, जानिए कैसे अपहरणकर्ता के चंगुल से भागी
सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिला अंतर्गत निवासी एक किशोरी 15 दिन बाद वापस घर लौट आई है। बताया गया कि लंघाडोल थाना अंतर्गत पिछले माह 29 अप्रैल को दो युवकों ने किशोरी का अपहरण कर जंगल में गैंगरेप किया था। फिर बाद में किशोरी को मुम्बई ले जाकर एक कमरे में बंधक बनाया लिया। एक पखवाड़े बाद डरी-सहमी किशोरी किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छुटकर फरार हो गई।
बाद में गांव के ही रहने वाले परिचितों से मुम्बई में मदद की गुहार लगाई। जिनकी मदद से किशोरी को घर पहुंचाया गया। घर पहुंचने के बाद किशोरी ने परिजनों को आपबीती बताई। तो परिजन थाने लेकर पहुंच गए। थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जकर तलाश में जुट गई है।
ये है मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार लंघाडोल थाना अंतर्गत निवासी किशोरी को गांव के ही अशोक कुमार शर्मा और उसका दोस्त उमेश कुमार शाह ने 29 एवं 30 अप्रैल की रात अपहरण कर लिया। फिर बाइक में बैठाकर सरई ले जा रहे थे। जहां रास्ते में दोनों ने किशोरी के साथ गैंगरेप किया। उसके बाद किशोरी को सरई रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया। जहां अशोक कुमार शर्मा अपने साथ मुम्बई लेकर रवाना हो गया। जबकि दूसरा आरोपी उमेश कुमार शाह वापस घर लौट आया।
10 दिन बाद पड़ोसियों को लगी भनक
पुलिस ने बताया कि किशोरी को 10 दिन से अधिक आरोपी अशोक कुमार शर्मा अपने कमरे में बंदकर मजदूरी करने चला जाता था। आरोपी मुम्बई में पहले से ही दिहाड़ी मजदूरी करते हुए किराए पर कमरा लिया हुआ था। 10 दिन बाद आरोपी के पड़ोसी को शक हुआ और उसके पड़ोसी भी सिंगरौली जिला अंतर्गत बजौड़ी गांव का ही रहने वाला था। इसलिए किशोरी ने गुपचुप तरीके से मदद मांगकर माता-पिता को सूचना दी।
मुंबई पुलिस ने की मदद
बता दें कि, मुम्बई जाकर किशोरी के माता-पिता ने संबंधित थाने की पुलिस से मदद मांगी। फिर काफी मशक्कत के बाद आरोपी के चंगुल से किशोरी आजाद हुई। पीडि़ता को छुड़ाने में मुम्बई पुलिस ने पूरी मदद की। वहां से वापस आने के बाद किशोरी अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंच आपबीती सुनाई। जहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 363, 366ए, 376 डी, 343 आईपीसी एवं पास्को एक्ट की धारा 4,6 के तहत अपराध दर्ज करते हुए महिला प्रकोष्ट टीआई अर्चना द्विवेदी ने विवेचना शुरू कर दिया है।