
सतना। आप स्कूल समय में विद्यार्थियों के बाजार घूमने की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। लेकिन, ऐसा माहौल जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूरी पर स्थित शासकीय पद्मधर उमा विद्यालय माधवगढ़ में देखने को मिलता है। सोमवार को पत्रिका टीम जब स्कूल पहुंची तो स्थिति देख हैरान रह गई। कोई विद्यार्थी स्कूल की बाउंड्री पर बैठा है, तो कोई स्कूल के बाहर साइकिल स्टैंड में गप्पे मार रहा। करीब तीन दर्जन बच्चे बाजार में घूमते नजर आए, वो भी गुटका व पान के ठेले के आस-पास। इस स्थिति को देख टीम ने समय पर ध्यान दिया, तो दोपहर के 12.30 बजे थे।
ज्यादातर क्लास में शिक्षक नहीं
स्कूल में चौथा पीरियड चल रहा था। जब स्कूल के अंदर पहुंचे तो स्थिति और भी ज्यादा हैरान करने वाली थी। ज्यादातर क्लास में शिक्षक नहीं थे। वे एक कमरे में बैठकर गप्पे मार रहे थे। जैसे ही उन्होंने कैमरा देखा, तो कमरे से निकलकर बाहर आए और विद्यार्थियों को क्लास में बैठाने लगे। शिक्षकों से प्राचार्य के बारे में पूछा गया, तो शिक्षक एसबी सिंह ने कहा कि पता नहीं, अभी नहीं आए हैं? आप फोन लगाकर खुद ही पूछ लो।
जर्जर हो चुका भवन
गांव की सरपंच मैना देवी कोल, उप-सरपंच विपिन द्विवेदी और पंच साकेत बिहारी शर्मा का कहना है, स्कूल भवन जर्जर हो चुका है। इसके लिए मरम्मत की जरूरत है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा भी स्कूल की मरम्मत को लेकर कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। साथ ही शासकीय विद्यालय के सामने रोड के दूसरी ओर स्कूल की ही जर्जर बिल्डिंग खड़ी हुई है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सूचना दी गई। उनका कहना है कि ये शिक्षा विभाग की बिल्डिंग है, इसे वही गिरवा सकता है।
जगह-जगह से टपक रहा भवन
विद्यार्थियों के लिए बड़ी समस्या स्कूल भवन का टपकना है। शायद ही कोई कमरा होगा, जिसकी छत बारिश में न टपकती हो। इसका असर है कि पानी से भरी कक्षाओं में विद्यार्थी पढऩे को मजबूर हैं। कई कक्षाओं में तो ब्लैक बोर्ड के ऊपर ही बारिश का पानी टपक रहा है। स्कूल में रखी दरी और टाट-पट्टी भी जगह-जगह भीगी नजर आती है। जहां बच्चे बैठ कर पढ़ाई करते हैं, वहां भी फर्श गीला है।
क्लास को बना दिया स्टोर रूम
स्कूल में अव्यवस्थाएं भी कम नहीं। विद्यार्थियों को बैठने के लिए कुर्सी टेबल नहीं है, वे दरी पर बैठकर पढ़ते हैं। स्कूल प्रबंधन की मनमानी भी कम नहीं। क्लासरूम को ही स्टोर बना दिया है। इसमें चारों ओर बेतरतीब ढंग से अलमारी, टूटी टेबल और बिखरी हुई कॉपी किताबें रखी हुई हैं। बीच में दरी बिछाई गई है। उस पर बैठकर विद्यार्थी पढ़ते हैं।
मामला गंभीर है। स्कूल का निरीक्षण किया जाएगा और खामियों पर कार्रवाई होगी।
बीएस देशलहरा, डीइओ