
Uproar in jila yojna samiti meeting in Satna
सतना. प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक हंगामा की भेंट चढ़ गई। बैठक व्यवस्था को लेकर एक जनप्रतिनिधि दूसरे जनप्रतिनिधि पर आरोप लगाते हुए खूब हंंगामा किए। सबसे पहले महापौर ममता पाण्डेय ने बवाल की शुरुआत की। बताया गया कि आरक्षित सीट पर नेमप्लेट न लगी होने पर महापौर भड़क गई। आनन-फानन में जिम्मेदार अधिकारियों ने नेमप्लेट लगवाया तब कहीं जाकर ममता नरम दिल हुई। कुछ देर बाद मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी किसी बात को लेकर भड़क गए। वे बैठक छोड़कर ही बाहर जानें लगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने निवेदन किया तो वह मानें। फिर आगे बैठक की कार्यवाही शुरू हुई।
किरकिरी के चक्कर में प्रभारी मंत्री ने किया मीडिया को बाहर
जिला योजना समिति की बैठक के दौरान हंगामा थमने का नाम ही नहीं ले रहा था। मीडिया के सामने भाजपा की हो रही किरकिरी से बचने के लिए प्रभारी मंत्री ने पत्रकारों को बैठक से बाहर करा दिया। सूत्रों की मानें तो सत्ताधारी दल के मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी और सतना विधायक शंकर लाल तिवारी किसी बात को लेकर कलेक्टर को फटकार लगा रहे थे। कह रहे थे कि योजनाएं कागज पर चल रही है। मैदानी अमला ध्यान ही नहीं दे रहा है। कलेक्टर सब ठीक है ठीक का नारा बनाए हुए है।
जब तू-तू मैं-मैं पर उतारू हुए विधायक व सांसद के भाई
बैठक के दौरान सतना विधायक व सांसद के भाई तू-तू मैं-मैं का विवाद चर्चा का विषय रहा। अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा के दो नेता जिला योजना समिति की बैठक खूब बवाल काटे। बताया गया कि सतना सांसद गणेश सिंह के प्रतिनिधि के तौर पर उनके छोटे भाई उमेश प्रताप सिंह बैठक में शामिल हुए थे। जो विधायक शंकरलाल तिवारी से किसी बात को लेकर उलझ गए। कुछ देर बात स्थिति बेकाबू हो गई। दोनों एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए तू-तू मैं-मैं पर उतारू हो गए।
Published on:
31 Jul 2018 02:45 pm
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