सतना

करोड़पति EE ने आईओसी को गलत जानकारी दे पत्नी के नाम आवंटित कराया था पेट्रोल पंप

निगम और टीएंडसीपी महकमे की जांच में खुलासा
2 min read
Sep 08, 2018
Story of retired EE of Jal Sansadhan in satna
Story of retired EE of Jal Sansadhan in satna

विक्रांत दुबे @ सतना। जल संसाधन विभाग से रिटायर्ड करोड़पति इंजीनियर कोदू प्रसाद तिवारी ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को गलत जानकारी देकर अपनी पत्नी के नाम पेट्रोल पंप आवंटित कराया। इसका खुलासा नगर निगम और टीएंडसीपी महकमे की जांच में हुआ है। दोनों महकमों की ओर से पेट्रोल पंप संचालक को नोटिस भी जारी किया गया पर करोड़पति इंजीनियर के रसूख के चलते कार्रवाई की फाइल दफ्तर में धूल फांक रही है।

शिवम फिलिंग स्टेशन की संचालक गिरजा देवी तिवारी पति कोदू प्रसाद तिवारी निवासी प्रभात विहार कॉलोनी सतना ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को पेट्रोल पंप आवंटन के लिए 8 जुलाई 2005 को दस्तावेज प्रस्तुत किए। शपथ पत्र में वार्ड क्रमांक-24, सिविल लाइन धवारी रोड, राजेंद्र नगर गली नंबर-1, पटवारी हल्का क्रमांक-99, तहसील रघुराजनगर आराजी खसरा नंबर 58/1क/1क/1/1 में 70 बाय 100 फीट का भूखंड होना बताया था।

नगर निगम प्रशासन को पत्र लिखा

पेट्रोल पंप के लिए तय मानक से कम जमीन होने की शिकायत आकाश गंगा नगर पतेरी निवासी अनिल तिवारी ने 5 जुलाई 2018 को नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग, एसपी से की थी। इसके बाद टीएंडसीपी द्वारा मामले की जांच के लिए नगर निगम प्रशासन को पत्र लिखा गया।

रसूख के आगे फाइलों में कैद जांच रिपोर्ट
जांच में गड़बड़ी आने के बाद उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा शिवम फिलिंग स्टेशन की संचालक गिरजा देवी पति केपी तिवारी को 20 जुलाई 2018 को नोटिस जारी की गई। संचालक से कहा गया कि पेट्रोल पंप संचालन के लिए गलत जानकारी देकर स्वीकृति ली गई है। 15 दिन में प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। हालांकि निर्धारित समय बीतने के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। करोड़पति इंजीनियर के रसूख के आगे कार्रवाई की फाइल दफ्तर में कैद होकर रह गई।

मापदंड से कम मिली पेट्रोल पंप की भूमि
संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा शिकायत मिलने के बाद 25 मई 2018 को निगमायुक्त को मामले की जांच करने अतिक्रमण दस्ते को निर्देशित किया गया। ननि प्रशासन ने शिवम फिलिंग स्टेशन की जमीन की नापजोख कर 5 जुलाई 2018 को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें स्थल की वस्तु स्थिति बताई गई। जांच में पाया गया कि प्लॉट की गहराई/ लम्बाई 97 फीट, चौड़ाई/ मार्ग के समांतर चौड़ाई 60 फीट, ऑफिस भवन निर्माण 16.50 बाय 30 फीट में निर्मित है। 2 नग पेट्रोल पंप बने हैं। जबकि मप्र भूमि विकास नियम 2012 के उप नियम 53 (चार) (ख) के अनुसार ईंधन भराव स्टेशन के लिए कम से कम 20 बाय 20 मीटर की भूमि आवश्यक है। ननि ने मौके पर 18.29 बाय 29.57 मीटर पाई जो निर्धारित मापदंड से कम है। जांच में करीब 2 मीटर भूमि कम मिली।

पत्र लिखेंगे
ननि प्रशासन की ओर से जांच में पेट्रोल पंप की भूमि कम पाई गई। ननि को अनुमति निरस्त करने शीघ्र ही पत्र लिखा जाएगा।
राजीव पाण्डेय, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश

Published on:
08 Sept 2018 12:45 pm