पति गया पैसे लेने, रास्ते में डिलेवरी, नवजात की मौत, जानिए मध्यप्रदेश में संस्थागत प्रसव का हाल
सतना। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जारी कवायद कागजी साबित हो रही है। जिम्मेदारों की लापरवाही से गर्भवती का चिह्नांकन तक नहीं हो पा रहा। ऐसे में असुरक्षित डिलेवरी की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। एेसा ही एक मामला गुरुवार की सुबह सर्किट हाउस चौराहे पर सामने आया। प्रसव पीड़ा से कराहती पत्नी को छोड़कर पति पैसों का प्रबंध करने चला गया। तब तक महिला की डिलेवरी हो गई और नवजात ने जन्म लेते ही दम तोड़ दिया।
ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल के लिए रवाना
बताया गया, खुशबू रावत भगदौरा माधवगढ़ की निवासी है। पति राजू सोहावल स्थित निजी फॉर्म हाउस में चौकीदारी करता है। गुरुवार सुबह खुशबू को प्रसव पीड़ा होने पर पति आनन-फानन ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुआ। ऑटो वाले ने सर्किट हाउस तक छोड़ा। पति राजू पैसों का प्रबंध करने पत्नी को चौराहे पर बैठाकर फार्म हाउस के मालिक के दफ्तर तक गया।
समय से पहले डिलेवरी हुई
इधर, खुशबू की पीड़ा बढ़ गई। उसने चौराहे पर स्थित एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बगल में खाली जगह पर बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने 108 एम्बुलेंस को डायल किया और आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि समय से पहले डिलेवरी हुई। इसके चलते मासूम को जान गंवानी पड़ी।