
सतना। स्मार्ट सिटी में 10 साल से गांव से भी बदतर जीवन जी रहे वार्ड 10 के मारुति नगर व शारदा कॉलोनी के रहवासियों के चेहरे पर निगम प्रशासन और शहर सरकार की उपेक्षा का दर्द रह-रहकर उभर रहा है। एक ओर जहां जिला प्रशासन इस वार्ड का प्रतिनिधि चुनने उपचुनाव कराने की तैयारी में है वहीं सड़क, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रही वार्ड की जनता उपेक्षा के विरोध में गुरुवार को सड़क पर उतर आई। नगर निगम प्रशासन पर मनमानी एवं वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए मारुति नगर की जनता ने सुबह वार्ड की स्कूल, दुकानें बंदकर सड़क पर धरना दिया।
मारुति नगर-शारदा कॉलोनी संघर्ष समिति के बैनर तले कॉलोनी वासियों ने सड़क पर सभा करते हुए कहा, हम दस साल से वोट देकर सरकार चुनते आ रहे हैं। हमने सांसद से लेकर विधायक व महापौर से लेकर पार्षद तक को अपना मत देकर वार्ड का प्रतिनिधित्व सौंपा पर जनप्रतिनिधि आज तक कॉलोनी में सड़क, बिजली एवं पानी का प्रबंध नहीं कर सके।
जब सरकार हमारे लिए कुछ नहीं कर सकती तो हम वोट क्यों दें? कॉलोनी के रहवासियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कहा, सड़क नहीं तो वोट नहीं। रहवासियों ने संकल्प लिया कि जब तक निगम प्रशासन वार्ड की सभी सड़कों का निर्माण नहीं करा देता, तब तक कॉलोनी के रहवासी किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। लोगों ने 11 अगस्त को वार्ड में हो रहे उपचुनाव का भी बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
वार्ड में 11 अगस्त को उपचुनाव
वार्ड 10 के पार्षद बसेंद्र सिंह की मृत्यु के कारण छह माह से खाली प्रतिनिधि के पद को भरने वार्ड में आचार संहिता लागू कर दी गई है। 11 अगस्त को पार्षद पद के लिए उपचुनाव होना है। इससे पहले वार्ड की आधी आबादी द्वारा उपचुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा से प्रशासन घबरा गया है। वार्ड 10 में लगभग 6 हजार मतदाता हैं। इसमें से लगभग तीन हजार मतदाता मारुति नगर एवं शारदा कॉलोनी से आते हैं।
तीन साल से संघर्ष
मारुति नगर की जनता सड़क के लिए तीन साल से संघर्ष कर रही है। स्थानीय लोग कॉलोनी में सड़क का निर्माण कराने कई बार निगम का घेराव एवं धरना प्रदर्शन कर चुके हैं पर तीन साल से राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। लोगों ने बताया कि कालोनी में जो कच्ची सड़कें थीं नई पाइपलाइन डालने के नाम पर उन्हें भी खोद दिया गया। पाइपलाइन डलने के बाद भी आज तक इनमें पानी तो आया नहीं पर खुदाई से बरसात में कलोनी की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं।
हर सड़क बदहाल
स्थानीय लोगों ने बताया, शहर की कई अवैध कॉलोनियों में निगम प्रशासन ने सड़कें बनवाई हैं पर विकास के नाम पर उनकी कॉलोनी के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। निगम प्रशासन जनता से सुविधा के नाम पर टैक्स से वसूलती है लेकिन सुविधाएं कुछ नहीं देती। लगभग पांच हजार की आबादी वाले मारुति नगर में एक भी पक्की सड़क नहीं है, जिस पर जनता सुकून से चल सके। बारिश का मौसम आते ही कॉलोनी की हर सड़क कीचड़ से सन जाती है।
कीचड़ देख फूली तहसीलदार की सांस
वार्ड 10 के रहवासियों द्वारा चुनाव का बहिष्कार करने की जानकारी लगते ही जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार बीके मिश्रा मारुति नगर पहुंचे। उन्होंने धरना दे रहे रहवासियों को समझाइश देते हुए निर्णय बदलने की बात कही। कहा, हम निगम प्रशासन से चर्चाकर वार्ड की सड़कों की मरम्मत करा देंगे। लेकिन, जनता ने तहसीलदार की एक नहीं सुनी। संघर्ष समिति के संयोजक जितेन्द्र तिवारी सड़कों का हाल दिखाते हुए उन्हें कॉलोनी के अंदर ले गए। वहां कीचड़ व पानी से सनी सड़क पर चलना तो दूर देखकर ही तहसीलदार को पसीना छूट गया।