होमगार्ड के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग दे रहा ट्रेनिंग, अब तक डेढ़ हजार से ज्यादा युवतियों कर चुकीं कोर्स
सतना. युवतियां कंधे से कंधा मिलाकर युवकों के साथ चल सकें इसके लिए उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है। सरकारी योजना के तहत मौजूदा समय में 95 युवतियां एेसी हैं जो फिजिकल ट्रेनिंग के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग और होमगार्ड के सहयोग से एेसी बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है जो सुविधाओं के अभाव में होती हैं और जिनमें आगे बढऩे और पढऩे की ललक है।
कम पड़ी लड़कियां तो शुरू हुआ अभियान
बताते हैं कि वर्ष 2014 में पुलिस भीर्त में महिलाओं को आरक्षण देने के बाद भी जब अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए तो युवतियों को पुलिस के साथ अन्य बलों में भर्ती के लिए जागरूक करने योजना बनाई गई। अक्टूबर 2017 से प्रदेश के सभी जिलों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सशक्त वाहिनी अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के तहत १८ वर्ष से अधिक आयु की युवतियों को फिजिकल ट्रेनिंग के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराना है।
सशक्त वाहिनी अभियान
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से शुरू किए गए इस अभियान क तहत मौजूदा समय में सातवां बैच ट्रेनिंग ले रहा है। इस योजना के तहत युवतियां का चयन उनकी ऊंचाई के अधार पर किया जाता है। इसमें वह युवतियों शामिल हैं जो सुविधाओं के अभाव में रहती हैं और जिला मुख्यालय से दूरस्थ क्षेत्र से ताल्लुक रखती हैं। विभाग के सहायक संचालक श्याम किशोर द्विवेदी ने बताया कि पुलिस, वन या केन्द्रीय बल में भर्ती के लिए महिलाओं की अधिकतम ऊंचाई 158 सेमी मांगी जाती है। इसलिए योजना के तहत जुडऩे के लिए आवेदन करने वाली युवतियों की ऊंचाई के आधार पर चयन कर लिया जाता है। इस बार 425 आवेदन आए थे। लेकिन योजना के तहत प्रत्येक बैच में 40 युवतियों को प्रशिक्षित करना है। चयन के बाद एक सामान्य फार्म विभाग भरवाता है जिसमें युवती की शैक्षणिक योग्यता, उसका नाम- पता दर्ज होता है।
पढऩे के लिए नि:शुल्क किताबें
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने के लिए योजना से जुड़ी युवतियों को नि:शुल्क किताबें दी जाती हैं। अभी तक एक बैच में ही पढ़ाई कराई जा रही थी। लेकिन अब दो बैच लगाए जाने लगे हैं। जिसमें रीजनिंग, गणित, जीके, हिन्दी, अंग्रेजी विषय की पढ़ाई योग्य शिक्षक कराते हैं। विभाग ने मानदेय पर दो शिक्षकों की नियुक्ति की है। इसके अलावा समय समय पर विभिन्न पदों पर कार्यरत अधिकारी भी अपना अनुभव देने आते हैं। तर्क शक्ति बढ़े और युवतियों की झिझक दूर हो इसके लिए क्विज प्रतियोगिता भी शुरू कराई गई है। सहायक संचालक द्विवेदी ने बताया कि जो बच्चियां ट्रेनिंग ले चकी हैं उन्हें फॉलोअप करते हैं। इसके लिए सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाया गया है।
केन्द्र में हुई भर्तियां
जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि एक भ्रम बच्चियों में शुरूआती दौर में रहा कि उन्हें सर्टिफिकेट मिलेगा। लेकिन कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता। बल्कि नि:शुल्क मार्गदशन और फिजिकल ट्रेनिंग दी जाती है। पुराने बैच से कुछ युवतियों का चयन रेल सुरक्षा बल और केन्द्रीय बलों में हुआ है। मौजूदा सममय में कई युवतियां पीएससी की तैयारी भी कर रही हैं।
होमगार्ड में फिजिकल ट्रेनिंग
महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत बालिकाओं को पुलिस, वन विभाग, रेलवे, केन्द्रीय बल में भर्ती के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट आइके उपनारे के निर्देशन पर प्लाटून कमांडेंट अमित पटेल, पुष्पेन्द्र पाण्डेय, एएसआइ केएस धुर्वे के सहयोग से होमगार्ड कार्यालय में गोला फेक, लंबी कूद, दौड़, शारीरिक व्यायाम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बताया गया है कि मौजूदा समय में सातवां बैच चल रहा है। इसके पहले करीब १७०० युवतियां प्रशिक्षण ले चुकी हैं। इनमें करीब १० युवतियों का चयन केन्द्र व प्रदेश के विभिन्न विभागों में हो चुकी है। होमगार्ड के साथ दीपा सोनी भी युवतियों को फिजिकल ट्रेनिंग दे रही हैं।
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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत एेसी बच्चियों को नि:शुल्क मार्गदशन दिया जा रहा है जो सुविधाओं के अभाव में रहीं। इस बार सवा 4 सौ युवतियों ने पंजीयन कराया था। जिसमें करीब 80 का चयन किया जा सका है। यह कार्यक्रम अनवरण चलेगा।
सौरभ सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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होमगार्ड में जिला कमांडेंट के निर्देशन में युवतियों को फिजिकल ट्रेनिंग दी जा रही है। सातवां बैच प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की अहम भूमिका है।
पुष्पेनद्र पाण्डेय, प्लाटून कमांडर, होमगार्ड