एसपी ने थाना प्रभारियों के कसे पेंच, गुंडों पर एक्शन और सिर्फ एक्शन
सतना। महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में गंभीरता बरतें। तत्काल कार्रवाई करें और गुंडों के खिलाफ चल रहे अभियान को जारी रखें। यह निर्देश मंगलवार को अपराध समीक्षा के दौरान एसपी राजेश हिंगणकर ने जिला पुलिस को दिए हैं। अपराध समीक्षा में पॉवर प्वॉइंट प्रजेंटेशन के जरिए तीन साल के आंकड़ों पर नजर फेरी गई। इसमें कार्रवाई का तुलनात्मक विवरण सभी के सामने पेश किया गया। इस मौके पर एएसपी गुरुकरन सिंह, सीएसपी वीडी पाण्डेय, एसडीओपी मैहर अरविंद तिवारी, एसडीओपी चित्रकूट आलोक शर्मा समेत सभी थानों के प्रभारी मौजूद रहे।
छठवें नंबर पर पहुंचे: क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग एंड नेटवर्किंग सिस्टम में प्रदेश में छठवें पायदान पर आने पर एसपी हिंगणकर ने कुछ थाना प्रभारियों के काम को सराहा है। जो इस काम में पीछे रहे उन्हें सख्त हिदायत दी है। जो थाने सीसीटीएनएस में पीछे हैं वहां की दिक्कतों को जानते हुए गंभीरता से काम कराने को कहा गया है।
जेल रिहाई पर नजर
एसपी हिंगणकर ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वह जेल से छूटने वाले अपराधियों पर नजर रखें। ताकि अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई बढ़ाने के लिए सभी को निर्देश दिए हैं। अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों को कहा गया कि वह अपने क्षेत्र के थानों की कार्रवाई पर नजर बनाए रखें।
भाजपा संगठन ने भेजी रिपोर्ट
गत सप्ताह गल्र्स कॉलेज और छात्रावासों के आसपास मनचलों पर सख्त कार्रवाई सहित महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती बरतने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सतना में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। स्थिति यह रही कि मामले में प्रदेश की टॉप लिस्ट में सतना का नाम रहा। लेकिन अब यही कार्रवाई पुलिस महकमे के गले की हड्डी बन गई है। चुनावी वर्ष में इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई के तरीके की शहर और जिले में व्यापक आलोचना हुई। भाजपा संगठन ने अपनी रिपोर्ट सीएम को भेजी है। इसमें इस कार्रवाई को बहुत सकारात्मक न बताते हुए इससे जनाक्रोश की स्थिति बताई गई है।
जानकारी के अनुसार गत सप्ताह सीएम के निर्देश के बाद पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सतना पुलिस ने व्यापक पैमाने पर धर पकड़ अभियान चलाया था। इसमें एक ही दिन में काफी संख्या में लोगों को पकड़ा गया था और उन्हें कार्यपालिक दण्डाधिकारी के यहां पेश किया गया था। लेकिन जिस तरह से धरपकड़ की गई थी उसे लेकर दूसरे दिन व्यापक पैमाने पर विरोध भी शुरू हो गया था। हालांकि सतना पुलिस की कार्रवाई प्रदेश में टॉप जिलों में शामिल थी। इधर विरोध की आंच सत्ताधारी दल तक पहुंची तो संगठन के लोगों को इसके नकारात्मक पक्ष का पता चला। ऐसे में संगठन ने माना कि कार्रवाई का तरीका सही नहीं था और हड़बड़ाहट भरा रहा। इसको लेकर सीएम को संगठन स्तर से रिपोर्ट भेजी गई है।