हादसे के बाद रनवे पर लड़खड़ाया प्लेन, बड़ा हादसा टला
सतना. हवाई पट्टी में शनिवार की दोपहर एकबड़ा हादसा टला। यहां एक प्राइवेट मिनी प्लेन टेक ऑफ (उड़ान भरने) के दौरान बाल-बाल बचा। बताया गया कि दोपहर करीब सवा 12 बजे टेक ऑफ के लिए रनवे में रन कर रहे प्लेन के टायर के नीचे एक कुत्ता आ गया। जिस समय कुत्ता पहिए के नीचे आया उस वक्त प्लेन बीच रनवे में फूल स्पीड पर था। हादसे में कुत्ते की मौके पर मौत हो गई लेकिन प्लेन सही सलामत टेक ऑफ करने में कामयाब रहा।| बताया गया कि छह सीटर प्लेन एक एयर एम्बुलेंस थी जो अहमदाबाद से मरीज को लेने सतना आई थी। वापसी के दौरान प्लेन के साथ हादसा होते-होते बचा। बताया गया कि शहर के मास्टर प्लान निवासी अजय मल्होत्रा के बीमार परिजन को लेने के लिए प्लेन आया था। मरीज सहित सब प्लेन में चढ़ गए इसके बाद रनवे पर कुत्ता आ गया।
एयरोड्रम पर मवेशियों की धमाचौकड़ी
हवाई पट्टी पर प्लेन के नीचे कुत्ता के आने की घटना के बाद जिम्मेदार नहीं चेते। हादसे के बाद भी रनवे पर मवेशी घूमते रहे। 6 बजे दो दर्जन गायों का झुंड एयर स्ट्रिप के बगल में घास चर रहा था सतना एयरोड्रम चारागाह और मवेशियों की धमाचौकड़ी का अड्डा है। यहां दिनभर कुत्ते-बिल्ली, गाय-भैंस हेलीपैड से लेकर रनवे तक में दिख जाएंगे। जब प्लेन नहीं आता तब कुत्ते ही रनवे पर दौड़ लगा हैं। यह समस्या कई सालों से बनी हुई है। प्लेन के उड़ने के बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने रनवे से मरे हुए कुत्ते को उठाया और वहीं पार में हेलीपैड नंबर दो के बगल में फेंक दिया। बताया गया कि मरे कुत्ते को बाहर फेंकने ले जा रहे कर्मचारियों को हेलीपैड के पास एक छोटा सा गड्ढा दिखा तो वहीं ठिकाने लग दिया।
मामूली रूप से लड़खड़ाया था प्लेन
हादसे के दौरान हवाई पट्टी पर मौजूद रहे लोगों ने बताया कि कुत्ता प्लेन के पिछले पहिए के नीचे आया था, बावजूद इसके एक पल को ऐसा लगा कि प्लेन मामूली रूप से लड़खड़ाया है लेकिन उसकी गति व चाल पर ज्यादा असर नहीं हुआ और जगह-जगह से टूटी है बाउंडी वह उड़ गया। प्लेन के आने-जाने के दौरान मौके पर नगर निगम, पुलिस व राजस्व विभाग के लोग तैनात थे। बताया गया कि प्लने के टेक ऑफ होने के पहले नगर निगम के हाका दल ने कुत्तों को एयर स्ट्रिप के बाहर नहीं भगाया था।
एयर टर्मिनल की हवाई पट्टी तरफ
बनी बाउंड्रीवाल जगह-जगह से टूटी हुई है। 2020 में करीब 6 करोड़ की लागत से हवाई पट्टी का विस्तार किया गया था लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग बाउंड़ी की उंचाई नहीं बढ़वा पाया। पहले से टूटी-फूटी बांउड्री वॉल की मरम्मत तक नहीं कराई गई, लिहाजा दक्षिण छोर से लोगों सहित मवेशी अंदर घुसते हैं।