सतना

पार्षद निधि की फाइलों को लेकर आमने सामने आए महापौर और निगमायुक्त

एमआईसी की बैठक में एक बार फिर महापौर और निगमायुक्त के बीच तल्खी दिखी। महापौर ने निगमायुक्त को राजनीति नहीं करने कहा तो निगमायुक्त ने बैठक में फाइलों पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया

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Mar 26, 2026

सतना। मेयर इन काउंसिल की बैठक में एक बार फिर गरमा गरमी का माहौल देखने को मिला। पार्षद निधि की फाइलों को लेकर महापौर योगेश ताम्रकार और निगमायुक्त शेर सिंह मीना जहां आमने-सामने आ गए वहीं शहर में वितरित होने वाले पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी पार्षदों ने असंतोष जताया। इसी तरह फायर ऑफीसर की नियुक्ति को लेकर भी तल्खी देखने को मिली। बैठक में वर्ष 2026-27 का बजट अनुमोदित कर स्वीकृति के लिए विभाग को प्रेषित करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

जानकारी के अनुसार एमआईसी बैठक की शुरुआत में ही वित्तीय वर्ष समाप्ति को देखते हुए पार्षद निधि की लंबित फाइलों का मामला कुछ पार्षदों ने उठाया। जिस पर निगमायुक्त ने कहा कि फाइलें की जा रही हैं। इस पर महापौर ने कहा कि कुछ कुछ लोगों की फाइलें कर रहे हैं। ये राजनीति मत करिए। सारी फाइलें कर दीजिए। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि देख कर फाइलें की जा रही है। इसके बाद महापौर ने कहा कि यहीं सभी फाइलें बुला लीजिए और यहीं फाइलें कर दीजिए। इस पर निगमायुक्त ने स्पष्ट इंकार करते हुए कहा कि एमआईसी की बैठक में फाइल नहीं की जाएंगी।

अतिक्रमण का मुद्दा उठा

बैठक में बाल किशन दास बाटिका और हनुमान चौक के अतिक्रमण का मुद्दा उठा। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि वे स्वयं राजस्व अफसरों के साथ बालकिशन दास वाटिका का अतिक्रमण देखने गए थे। कलेक्टर ने कहा था कि रमजान तक रुक जाएं। इस पर महापौर ने कहा कि रमजान तो समाप्त हो चुका है। इसके बाद उन्होंने हनुमान चौक के अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। जिस पर कार्यपालन यंत्री ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने रोका था। इस पर महापौर ने तल्खी दिखाई और कहा कि यहां पर यहां की बाते करें। यहां के निर्णय यहीं होंगे।

पेयजल की गुणवत्ता पर गर्माई बैठक

पार्षद अभिषेक तिवारी ने शहर में गंदे पेयजल की सप्लाई का मुद्दा उठाया। पीके जैन ने भी इसका समर्थन किया। इसके बाद अन्य पार्षदों ने भी गंदे पानी की सप्लाई की बात कही। इसी दौरान पार्षद अभिषेक ने वहां रखी पानी की बोतल को हाथ मारकर गिरा कर अपनी नाराजगी का प्रदर्शन किया। मौन होने पर लिख कर बताया कि, शहर गंदा पानी पी रहा है और यहां अच्छे पानी का दिखावा हो रहा है। हालांकि कुछ देर में माहौल शांत कराया गया।

फायर ऑफीसर पर निगमायुक्त का इंकार

पार्षद अभिषेक ने कहा कि निगम में डिग्री धारी फायर ऑफीसर होने के बाद भी किसी दूसरे को बैठाया गया है और असली अधिकारी बिना काम के बैठे हैं। महापौर ने इससे सहमत होते हुए एमआईसी से पास करने की बात कही। जिस पर निगमायुक्त ने सख्त स्टैण्ड लेते हुए कहा कि सिविल सेवा का कोड का मामला है। फायर ऑफीसर कौन होता है यह नियमों में देख लें। पहले ही हमारे पास इनके समर्थन में फोन आ चुके हैं। आप मिनिट्स में ले लें। अगली बैठक में इसके जवाब आ जाएंगे। इसके बाद बजट पर चर्चा हुई। बजट की चर्चा के लिए परिषद का विशेष सम्मेलन बुलाने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन की तारीख पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। 30 या 31 मार्च को संभावित तिथि रखी गई है। बैठक में पार्षद गोपी गेलानी, आदित्य यादव, मनीषा सिंह, रानी शुक्ला, प्राची कुशवाहा सहित उपायुक्त वित्त सत्यम मिश्रा सहित अन्य मौजूद रहे।

Published on:
26 Mar 2026 09:32 am
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