गांव मेंं पसरा मातम का माहौल, नागौद के छींदा गांव में जहरीली गैस से घुटा दम
सतना। कुएं में मोटर लगाने के लिए उतरे सगे भाई बहन समेत तीन लोगों की मौत हो गई। एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। नागौद थाना क्षेत्र के छींदा गांव में गुरुवार को अपराह्न करीब तीन बजे हुए हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। तीनों मृतकों के शव जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिए हैं। पुलिस ने मौके पर जांच करते हुए आशंका जाहिर की है कि कुएं से जहरीली गैस के रिसाव से घटना हुई है। गांववालों ने सभी को कुएं से दूर रहने की हिदायत दी है।
पटपरनाथ मंदिर के पास अहरी में कुआं
ग्रामीणों ने बताया, रामजस कुशवाहा पुत्र रघुनाथ (35) निवासी छींदा की अहरी पटपरनाथ मंदिर के पास सतना नदी से लगी हुई है। अहरी में ही कुआं बना है। कुएं में मोटर पंप लगा था। जो पहले खराब हुआ, तो उसे निकाल लिया था। पंप निकालते वक्त कुएं से ऊपर आए पाइप में बोरा बांध दिया था। गुरुवार को रामजस हैवी मोटर पंप कुएं में लगाने के लिए लाया। उसे लगाने रामजस अपनी बहन सपना कुशवाहा (20) के साथ कुएं में घुसा।
एक के बाद एक जाते गए मौत के मुंह
पंप के पाइप से बोरा हटाते ही जहरीली गैस निकली तो दोनों भाई-बहन का दम घुटने लगा और उनकी चीख सुनकर चचेरा भाई रूपेन्द्र उर्फ लाला पुत्र शिवचरण (25) कुएं में उतर गया। लाला भी जहरीली गैस की चपेट में आया। तीनों को बचाने के लिए गांव के ही रमेश कुशवाहा पुत्र रामसिया (45) कुएं में उतरे। इस दौरान रामजस की मां मथुरा कुशवाहा कुएं की मुंडेर पर ही खड़ी थी, ताकि मदद की जरूरत पर तो वह कर सके।
कुएं से दूर रहने की नसीहत
इस बीच रामजस की मां ने शोर करते हुए गांव के लागों को इकट्टा कर लिया। गांव वालों की मदद से चारों को कुएं से बाहर निकाला तो रमेश कुछ देर बाद होश में आ गया। लेकिन बाकी तीनों अचेत बने रहे। तीनों को ऑटो से जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच करते हुए रामजस, सपना और रूपेन्द्र को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर नागौद थाना पुलिस की एक टीम घटना स्थल पर पहुंची तो दूसरी टीम ने जिला अस्पताल से जानकारी जुटाना शुरू किया। गांववालों ने सभी को कुएं से दूर रहने की हिदायत दी है।