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पीएम आवास में बड़ा फर्जीवाड़ा: एमपी में 708 हितग्राहियों ने शहर और गांव दोनों जगह ले लिए मकान

एक ओर पात्र परिवार पीएम आवास पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं वहीं मध्यप्रदेश में 708 लोगों को दो-दो आवास दे दिए। सतना और मैहर जिले में भी कई लोगों को इसी तरह दिया गया है लाभ।

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pm aawas

सतना। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का आशियाना उपलब्ध कराना है, लेकिन मध्यप्रदेश में इस महत्वाकांक्षी योजना में बड़ाफर्जीवाड़ा सामने आया है। सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि प्रदेश के 708 हितग्राही ऐसे हैं जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) दोनों का लाभ मिल गया। यानी एक ही व्यक्ति को दो-दो आवास स्वीकृत कर दिए गए। इनमें सतना जिले के 11 मामले भी शामिल हैं, जहां लाभार्थियों ने शहर और गांव दोनों जगह मकान बनवा लिए और दोनों योजनाओं की पूरी राशि भी प्राप्त कर ली। यह स्थिति तब है जब जिले में हर सप्ताह जनसुनवाई में ऐसे लोग पहुंच रहे हैं जो पात्र होने के बाद भी योजना के लाभ से वंचित होने की शिकायतें कर रहे हैं।

11 मामलों में मिला दोहरा लाभ

पीएम आवास ग्रामीण और पीएम आवास शहरी के लाभार्थी डेटा के मिलान में सतना जिले के 11 ऐसे हितग्राही चिन्हित हुए हैं जिन्होंने दोनों योजनाओं से लाभ लिया। इनमें से 8 लाभार्थियों के दोनों आवास पूर्ण हो चुके हैं और वे दोनों योजनाओं की पूरी राशि प्राप्त कर चुके हैं। एक हितग्राही का ग्रामीण आवास पूरा हो चुका है जबकि शहरी आवास निर्माणाधीन है। वहीं दो हितग्राहियों के शहरी आवास पूर्ण हैं और ग्रामीण आवास निर्माण की स्थिति में हैं।

केस 1: नागौद के अमिलिया में दोहरी स्वीकृति

जनपद पंचायत नागौद की ग्राम पंचायत अमिलिया निवासी अमृतलाल साहू का नाम सूची में शामिल है। इन्हें पीएम आवास शहरी योजना के तहत 27 दिसंबर 2017 को आवास स्वीकृत हुआ था। इनका बेनीफिशियरी कोड 238021700816400340 है। इसके बाद इन्हें पीएम आवास ग्रामीण योजना में भी शामिल कर लिया गया और 4 जनवरी 2022 को आईडी एमपी5101155 के तहत आवास स्वीकृत कर दिया गया। रिकॉर्ड के अनुसार दोनों मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और दोनों योजनाओं की राशि जारी की जा चुकी है।

केस 2: रामपुर बाघेलान में भी वही खेल

जनपद पंचायत रामपुर बाघेलान की ग्राम पंचायत सगौनी निवासी शेषमणि पांडेय को पीएम आवास शहरी योजना के तहत 20 फरवरी 2017 को आवास स्वीकृत किया गया। इनका बेनीफिशियरी कोड 238021752612400059 है। इसके बाद इन्हें पीएम आवास ग्रामीण योजना में भी शामिल कर 3 जनवरी 2022 को आईडी एमपी4954065 के तहत दूसरा आवास स्वीकृत कर दिया गया। दोनों योजनाओं में निर्माण पूर्ण और भुगतान जारी होना दर्ज है।

केस 3: मैहर में भी दो योजनाओं से लाभ

जनपद पंचायत मैहर की ग्राम पंचायत नादन निवासी हीरामणि को पीएम आवास शहरी योजना के तहत 31 अगस्त 2016 को आवास स्वीकृत हुआ। उनका बेनीफिशियरी कोड 238021791390500456 है। इसके बाद 13 मई 2017 को उन्हें पीएम आवास ग्रामीण योजना में आईडी एमपी1821434 के तहत भी लाभ दे दिया गया। दोनों योजनाओं में आवास निर्माण पूर्ण और भुगतान जारी होने का रिकॉर्ड दर्ज है।

सिस्टम की खामी या सुनियोजित मिलीभगत?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दोनों योजनाओं में आधार नंबर, बैंक खाते, मोबाइल नंबर और पात्रता सत्यापन की बहुस्तरीय व्यवस्था लागू है, तब एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग योजनाओं में पात्र कैसे घोषित हो गया? यदि आधार आधारित सत्यापन प्रभावी था तो दोहरी स्वीकृति संभव ही नहीं होनी चाहिए थी। विभागीय जानकारों का कहना है इसमें या तो लाभार्थी ने जानबूझकर जानकारी छिपाई या फिर स्थानीय स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई।

42 जिलों में फैला है फर्जीवाड़ा

मध्यप्रदेश में यह गड़बड़ी सतना जिले तक सीमित नहीं है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के लगभग 42 जिलों में 708 दोहरे लाभार्थी हैं। सबसे अधिक मामले इंदौर (89), सागर (68), धार (64), जबलपुर (47) और विदिशा (42) जिलों में सामने आए हैं।

"यह काफी गंभीर मामला है। पीएम आवास शाखा से जानकारी ली जाकर सत्यापन कराया जाएगा। अगर दोहरा लाभ लिया गया है तो वसूली सहित विधिक कार्यवाही भी की जाएगी।" - शैलेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ सतना