दबे पांव बढ़ोतरी: ईंधन के बढ़ते दामों पर नहीं लगाम, लगातार दर्ज हो रही वृद्धि, मालभाड़े पर असर
सतना। डीजल-पेट्रोल के दामों ने एक बार फिर रेकॉर्ड तोड़ दिया है। पेट्रोल 85 के पार पहुंच चुका है जबकि डीजल 75 के करीब है। आगामी एक-दो दिन में डीजल भी 75 पार हो जाएगा। 72 रुपए 16 पैसे प्रति लीटर की कीमत पर आने के बाद से डीजल में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। मंगलवार को पेट्रोल 85.31 रुपए प्रति लीटर बिका। डीजल में हर दिन 12 से 15 पैसों की दबे पांव बढ़ोतरी हो रही है। इससे यह आंकड़ा मंगलवार को 74 रुपए 83 पैसे दर्ज किया गया। आसमान छूती खासकर डीजल की कीमतों ने ट्रांसपोर्टरों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश है और अब इसका सीधा असर मालभाड़े पर पड़ेगा।
नियंत्रण से बाहर कीमत
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर तो असर डाला ही है साथ ही अब ट्रांसपोर्टरों से लेकर पेट्रोलियम डीलर्स पर भी इसका असर शुरू हो गया है। डीजल के दाम ने रेकॉर्ड तोड दिया है, पहले कभी डीजल इतना नहीं उछला। पिछले 6 माह से डीजल और पेट्रोल के दाम नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं। लगातार आमजन सहित विभिन्न संगठनों की कीमतों में नियंत्रण की मांग के बाद भी प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर सकी है। इसके विपरीत लगातार दाम बढ़ाए ही जा रहे हैं।
रोज 7000 ट्रकों की आवाजाही
सतना में रोजाना शहर में आने-जाने वाले ट्रकों की संख्या 3000 करीब है। इसके अलावा करीब 4000 ट्रक खदान व सीमेंट कंपनिपयों से जुड़े हुए हैं। ट्रांसपोर्टर्स के अनुसार डीजल की आग लगती कीमतों के कारण अब परिचालन भी महंगा हो रहा है, इससे ट्रांसपोर्टर भी दूसरे विकल्प तलाशने पर मजबूर होंगे। मालभाड़ा भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
35 प्रतिशत सेल घटी
पेट्रोलियम डीलर्स के अनुसार पिछले छह माह में लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने उनके कारोबार पर भी असर डाला है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में डीजल-पेट्रोल के मप्र की तुलना में दाम कम हैं। इस कारण ट्रांसपोर्टर और हैवी व्हीकल के उपयोग करने वाले अन्य वर्ग भी समीप के राज्यों से ईंधन ले रहे हैं। अंचल में पेट्रोलियम डीलर्स की सेल 35 प्रतिशत तक कम हो गई है। मप्र में पेट्रोलियम पर सर्वाधिक डयूटी है।