सुबह बंद रहेगे मंदिरों के कपाट, 11.30 बजे से शुरू होगी विशेष पूजा अर्चना
सतना. साल 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर पौष अमावस्या को सुबह 8.17 बजे से शुरू हागा। इसे साल का सबसे बड़ा व पूर्ण सूर्य ग्रहण माना जा रहा है। इसकी पूर्णताअवधि करीब 2 घंटे 53 मिनट की होगी। ग्रहण के दौरान सूर्य का नजारा अंगूठी जैसा होगा। सूर्य ग्रहण के कारण गुरुवार की सुबह कामता नाथ धाम चित्रकूट सहित जिले के सभी मंदिरों के कटाप बंद रहेगे। सूर्यग्रहण सप्ताह होने के बाद सुबह 11.30 बजे मंदिरों के कपाट खुलेगे और दोपहर में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। साल के अंत में होने वाली इस खगोलीय घटना बेसब्री से इंतजार रहे रहे जिले के लोगों को निराश होना पड़ सकता है। क्योंकि सुबह आसमान में बादल रहने के कारण जिले के सूर्य दिखेगा या नहीं इसे लेकर संशय बना हुआ है। पं. जगन्नाथ मिश्रा ने बताया कि यह ग्रहण मूल नक्षत्र धनु राशि में लग रहा है। इसलिए जिन लोगों का जन्म, राशि अथवा लग्न धनु है उनके लिए ग्रहण विशेष अशुभ रहेगा। मेष, वृश्चिक, मकर राशि वालों के लिए अशुभ रहेगा। मिथुन, सिंह, कन्या राशि वालों के लिए मध्यम अशुभ होगा। कर्क, तुला, कुंभ, मीन राशि वालों के लिए यह शुभ होगा।
गर्भवती कर सकती हैं भोजन
पं. जगन्नाथ बताते हैं कि सूतक लगने के बाद खाना-पीना वर्जित रहता है लेकिन रोगी, बूढे़, बच्चे और गर्भवती खानपान कर सकती हैं। सूतक शुरू होने से पहले पके हुए भोजन, पीने के पानी, दूध, दही में तुलसी पत्ती या कुसा डाल देना चाहिए। इससे सूतक का प्रभाव इन चीजों पर नहीं पड़ेगा।
शुभ कार्य न करें
ग्रहण काल में वातावरण में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है। इसलिए इस दौरान कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए। सूतक काल में देव प्रतिमा स्पर्श, हास्य-विनोद नहीं करना चाहिए। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और सामथ्र्य के मुताबिक दान अवश्य करना चाहिए। इससे बचने के लिए ग्रहण काल में ओम नमों भगवते वासुदेवाय और ओम नम: शिवाय का जाप जरूर करना चाहिए। जिन राशियों में सूर्यग्रहण अशुभ है वे किसी भी कीमत में सूर्य ग्रहण न देखें।
ग्रहण काल
ग्रहण स्पर्श- 8.17 बजे सुबह
ग्रहण का मध्य काल- 9.50 बजे सुबह
ग्रहण का मोक्ष-11.24 बजे
ग्रहण का समय - 2 घंटा 53 मिनट