जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय भारत सरकार के जल क्रांति अभियान से जिले की टमस और सतना नदी को सदानीरा करने की पहल शुरू होगी। जिला पंचायत द्वारा शुरू किए जाने वाले इस अभियान के लिये जिलास्तरीय समिति का गठन होगा, जिसके अध्यक्ष कलेक्टर होंगे।
जल क्रांति अभियान का मुख्य उ²ेश्य घटते जलस्तर को सही करना, नदियों को बारहमासी बनाए रखना है। जल संरक्षण और विकास योजनाओं पर पंचायत राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में परम्परागत जानकारियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकारी, गैर सरकारी संगठनों और नागरिकों की क्षेत्र स्तरीय जानकारियों का भी बेहतर उपयोग किया जाएगा इस योजना संबंध में जिला पंचायत वाटर शेड मिशन के संजय सिंह ने बताया कि जल क्रांति अभियान के तहत जिले में टमस और सतना नदी का चयन किया जाएगा। इसके लिये वृहद कार्ययोजना तय की जाकर इन्हें बारहमासी करने आवश्यक उपाय किए जाएंगे। अपने वित्तीय प्रावधानों से जहां इस अभियान के लिये वातावरण का निर्माण किया जाएगा। कैचमेन्ट एरिया को सही किया जाएगा। साथ ही नदियों को जल प्रदूषण से मुक्त रखने का अभियान चलाया जाएगा।
जल क्रांति अभियान के लिए जिलास्तरीय कमेटी का गठन होगा। अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे तो उपाध्यक्ष जिपं सीईओ होंगे। सचिव के रूप में जिला तकनीकि विशेषज्ञ वाटर शेड होंगे। इस कमेटी में पीएचई, जल संसाधन विभाग, आरईएस, हार्डीकल्चर, कृषि, फारेस्ट, सीएमएचओ आदि विभागों के जिला प्रमुख सदस्य होंगे।
जल संरक्षण एवं प्रबंधन को समन्वित रूप से जनभागीदारी के माध्यम से कायान्वित करना। यह एक अभिषरण कार्यक्रम है जिसके तहत सबसे पहले जल संरक्षण एवं जलग्रहण क्षेत्र विकास योजनाओं जैसे सहभागी सिंचाई प्रबंधन, पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय संस्थाओं सहित जन साधारण की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जल स्रोत संरक्षण एवं प्रबंधन के लिये स्थानीय विधाओं एवं ज्ञान को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न स्तरों पर कार्यरत शासकीय स्वयं सेवी संस्थाओं एवं नागरिकों के अनुभवों का उपयोग करते हुए ग्रामीण क्षेत्र में जल सुरक्षा से आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।