अपात्र हितग्राहियों का नाम जोडऩे की बात पर विवाद, निगमायुक्त को शिकायत
सतना। गरीबों को आवास आवंटन के टाउन हाल में नगर निगम के कार्यक्रम के दौरान अपात्र हितग्राही का नाम होने को लेकर भाजपा के दो पार्षदों में हाथापाई हो गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों ने एक दूसरे पर कुर्सियां तक फेंक दी। हाथापाई करने वाला एक पार्षद भाजपा का जिला महामंत्री भी है।
मामला बढऩे पर निगम अधिकारियों ने बीच बचाव कर शांत कराया। एक पार्षद ने अपात्रों को लाभ दिए जाने की शिकायत निगमायुक्त ने कर मामले की जांच करने को कहा है। इधर, भाजपा की ओर से किसी ने भी कोई अधिकृत प्रतिक्रिया नहीं दी।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार आईएचएसडीपी योजना के अंतर्गत 270 हितग्राहियों को लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटित किए जाने थे। लॉटरी की प्रक्रिया पूरे होने के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे वार्ड 22 के पार्षद और भाजपा जिला महामंत्री भगवती प्रसाद पाण्डेय ने सूची में वार्ड 23 के कुछ अपात्र हितग्राहियों के नाम जोडऩे की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड 23 के पार्षद ने लोगों से पैसा लेकर अपात्र हितग्राहियों के नाम आवास आवंटन सूची में दर्ज कराए हैं। निगम प्रशासन इसकी जांच कराते हुए अपात्रों के नाम काटे। इस पर वहीं मौजूद वार्ड 23 के पार्षद नीरज शुक्ला ने आपत्ति जताई।
हंगामा करने की जरूरत नहीं
बकौल नीरज शुक्ला उन्होंने यह कहते हुए विरोध किया कि आप आपत्ति वाले हितग्राही का नाम सप्रमाण देकर शिकायत कीजिए, कार्यक्रम में हंगामा करने की जरूरत नहीं है। यह कहासुनी तल्ख होकर व्यक्तिगत हो गई। बात ही बात में पार्षद भगवती प्रसाद ने अपशब्दों का प्रयोग शुरू कर दिया। जिस पर मामला मारपीट तक पहुंच गया। दोनों पार्षदों ने जमकर लात घूंसे बरसाए।
झूमाझटकी देख हितग्राही दंग
जब इतने में भी बात नहीं बनी तो उन्होंने एक-दूसरे पर कुर्सियों से हमला किया। इस दौरान दो वार्ड प्रतिनिधियों के बीच झूमाझटकी देख हितग्राही दंग रह गए। इस लड़ाई में चार कुर्सियां भी टूटीं। विवाद बढ़ता देख मौके पर उपस्थित निगम के अधिकारी और हितग्राहियों ने बीच बचाव करते हुए दोनों को अलग किया तब कहीं जाकर माहौल शांत हुआ। इसके बाद पार्षद भगवती प्रसाद कार्यक्रम स्थल से चले गए।
यह है शिकायत
विवाद के बाद वार्ड 22 के पार्षद भगवती प्रसाद पाण्डेय ने निगमायुक्त से लिखित शिकायत करते हुए पात्रता सूची में दर्ज हितग्राहियों की जांच करते हुए अपात्र हितग्राहियों के नाम हटाने तथा आवंटन निरस्त करने की मांग की है। शिकायत में भाजपा पार्षद ने आरोप लगाया है कि आवासों के आवंटन में भारी धांधली हुई है। एक सघन बस्ती के अपात्र परिवारों से पैसा लेकर उनके नाम पात्रता सूची में जोड़े गए। इनमें कुछ हितग्राही एेसे भी हैं जो उस बस्ती में रहते भी नहीं। कुछ हितग्राही एेसे हैं जिनके पहले से पक्के मकान बने हैं।
अगर भगवती जी को कोई दिक्कत थी तो उन्हें लिखित में निगम अधिकारियों को शिकायत करनी चाहिए थी, न की हंगामा खड़ा करते हुए अपशब्दों का प्रयोग करना चाहिए था।
नीरज शुक्ला, पार्षद वार्ड 23
ज्यादा बड़ा मामला नहीं है। मैंने आवास आवंटन में गड़बड़ी के संबंध में पहले भी अधिकारियों से विरोध जताया था, सुधार नहीं हुआ। आज भी निगमायुक्त को लिखित शिकायत की है।
भगवती प्रसाद पाण्डेय, पार्षद वार्ड 22