MP में बढ़ रही इंग्लिश सीखने वालों की डिमांड, इंटरनेट, कोचिंग इंस्टीट्यूट और एप्स की युवा ले रहे मदद
सतना। प्रशासनिक प्रतियोगिताएं पास करनी हो या फिर डॉक्टर, इंजीनियरिंग या फिर इंग्लिश मीडियम स्कूल में स्टडी करना। इन सबके लिए इंग्लिश आना ही नहीं बल्कि इसे समझना और बोलना भी बहुत जरूरी है। इंग्लिश के अभाव मे अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव है। भले ही इंग्लिश हमारे देश की भाषा न हो पर यह एक इंटरनेशनल लैंग्वेज है, जिसे बोलने से अधिक आना जरूरी है। शहर में भी युवाओं में इंग्लिश की प्रति लगाव बढ़ा है। यही वजह है कि शहर के कई कोने में इंग्लिश इंस्टीट्यूट खुल चुके हैं और यहां आने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
आगे बढ़ने के लिए बेहद जरूरी
शहर के युवाओं का कहना है, हिंदी हमारी मातृभाषा है इसे न तो भुलाया जा सकता न हीं इग्नोर किया जा सकता। पर जीवन में आगे बढ़ने के लिए इंग्लिश को दूसरे ऑप्शन के तौर पर सीखना बेहद जरूरी है। जिससे इंग्लिश की वजह से पढ़ाई, कॅरियर, ऑफिस वर्क में कोई रुकावट न आए। भले यह विदेशी भाषा है। भारत में भी यह बड़े काम की है। यही वजह है कि इसको सीखने के लिए वह गूगल, डिक्शनरी, कोचिंग इंस्टीट्यूट, एप्स का सहारा ले रहे हैं।
विभिन्न भाषाओं बीच संपर्क का करती है काम
हमारे भारत में बहुत बड़े-बड़े राज्य हैं और हर एक राज्य में अलग-अलग भाषा बोली जाती है। हर एक राज्य में लोग अपने क्षेत्रीय भाषा में बात करते हैं। लेकिन हर व्यक्ति हर राज्य की क्षेत्रीय भाषा को न बोल सकता है और न ही समझ सकता है। इस कंडीशन में इंग्लिश एक बहुत ही महत्वपूर्ण रोल निभा सकती है और सभी लोगों को एक साथ जोड़ सकती है।
बेसिक जानकारी जरूरी
पहले इंग्लिश की बेसिक जानकारी सीख लें। फि र इंग्लिश में ही सोचना शुरू करें, क्योंकि जो आप सोचते हैं वो ही आपके वड्र्स बन जाते हैं। फिर इंग्लिश बोलना शुरू करें। गलतियों को होने दीजिए धीरे-धीरे सुधार होती जाएगी। सही उचारण कीजिए। इसके लिए आप गूगल की या डिक्शनरी की मदद लें। डेली टीवी पे इंग्लिश न्यूज जरूर सुनें। साथ में इंग्लिश न्यूज पेपर भी पढ़ें। जो कुछ भी आप पढ़ते हैं उसे जोर-जोर से पढ़ं। भाषा और शब्दों को याद रखने के लिए जोर से पढऩा बहुत ही जरूरी है। जो नये शब्द आप को मिलते रहें उनको अलग नोटबुक में नोट करें और अपने सेंटेंस में खूब इस्तामाल करें। इससे ये सारे वड्र्स आपको याद हो जाएंगे और आप इंग्लिश बोलने लगेंगे।
ऑफिशियली कम्यूनिकेशन के लिए बेहद अहम
लोकल काम में इंग्लिश का उपयोग नहीं किया जाता है, लेकिन किसी भी तरह के प्रोफेशनल कार्यों में हर चीज में इंग्लिश लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है। प्रोफेशनल कामों में बोलचाल से लेकर सभी चीजों में इंग्लिश का उपयोग किया जाता है। बहुत से ऑफिस ऐसे होते हैं जहां पर काम करने वालें लोगो को अपने रीजनल लैंग्वेज में बात करना नहीं आता है। इसलिए वह लोग बात और काम करने के लिए इंग्लिश का उपयोग करते हैं। ऑफिस वर्क में ऑफिशियली कम्यूनिकेशन के लिए लोग हर रोज इंग्लिश ही उपयोग करते हैं।
विदेश जाने वालों के लिए मस्ट
हमारे देश में ऐसे बहुत से स्टूडेंट होते हैं जो अपने आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे देश में जाना चाहते हैं तो उसके लिए उसको इंग्लिश अच्छी तरह से आनी चाहिये। जब तक आपको अच्छी तरह से इंग्लिश नहीं आएगी तब तक आप पढ़ाई के लिए दूसरे देश नहीं जा सकते हैं। यदि आपको इंग्लिश आती है तब आप अपने आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे देश जा सकते हैं।
इस तरह बन पाएंगे एक्सपर्ट
एक घंटे रोज न्यूजपेपर ओर मैग्जीन अपने कमरे में जोर-जोर से पढ़ें। इससे आपकी जुबान इंग्लिश बोलने के लिए ट्रेंड हो जाएगी। इसके बाद ये कार्यक्रम आप शीशे के सामने करें। इससे आप का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और इंग्लिश बोलना आपके लिए एक रुटीन सा बन जाएगा जैसे कि आप अपनी भाषा बोलते हैं। इंग्लिश बोलने की आदत बनाएं। ऐसे दोस्त बनाएं जो इंग्लिश बोलते हो, इंग्लिश क्लास जॉइन कीजिए। इंग्लिश बोलने के मौके तलाश कीजिए और कोई मौका इंग्लिश बोलने का जाने मत दीजिए। बस इन तरीकों से आप इंग्लिश बोलने में माहिर हो जाएंगे।