
सतना। जिले में डिजिटल भुगतान अब सुविधा भर नहीं बल्कि लोगों की रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख माध्यम बन चुका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बैंकिंग आंकड़े बताते हैं कि सतना जिले में ऑनलाइन लेनदेन ने अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। खास बात यह है कि डिजिटल भुगतान के विभिन्न माध्यमों में भीम-यूपीआई ने सबसे अधिक भरोसा हासिल किया है। एक वर्ष के दौरान जिले में यूपीआई के माध्यम से 59,49,159.38 लाख रुपये (59,492 करोड़) रुपये का लेनदेन हुआ।
अकेले यूपीआई से एक साल में 12.96 करोड़ ट्रांजेक्शन
बैंकों के समेकित आंकड़ों के अनुसार जिले में यूपीआई के जरिए 12 करोड़ 96 लाख से अधिक ट्रांजेक्शन किए गए। यह संख्या बताती है कि अब छोटे से छोटे भुगतान से लेकर व्यापारिक लेनदेन तक में लोग मोबाइल आधारित भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं। किराना दुकानों, सब्जी विक्रेताओं, मेडिकल स्टोर्स, पेट्रोल पंपों और सेवा क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में अब क्यूआर कोड आधारित भुगतान सामान्य व्यवस्था बन चुका है।
बैंक अपने हाथ में, आईएमपीएस और प्लास्टिक कार्ड का भी चलन बढ़ा
राशि के लिहाज से यूपीआई के बाद आईएमपीएस(इमीडिएट पेमेंट सर्विस) दूसरा सबसे बड़ा माध्यम रहा। इस सेवा के जरिए जिले में 21,53,359.20 लाख (21,534 करोड़) रुपये का लेनदेन दर्ज किया गया। हालांकि ट्रांजेक्शन संख्या और आम लोगों के उपयोग के मामले में यूपीआई का दबदबा कहीं अधिक दिखाई देता है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 72,599.44 लाख (करीब 726 करोड़) रुपए का कारोबार हुआ। वहीं भारत क्यूआर के जरिए 2,044.54 लाख रुपये और भीम आधार के माध्यम से 1,212.08 लाख रुपये का लेनदेन दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि जिले में डिजिटल भुगतान के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन यूपीआई सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ी डिजिटल पहुंच
डिजिटल भुगतान को लेकर पहले यह धारणा थी कि इसका उपयोग मुख्य रूप से शहरों तक सीमित है, लेकिन ताजा आंकड़े इस सोच को बदलते हैं। जिले के ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी यूपीआई आधारित भुगतान तेजी से बढ़ा है। बैंकिंग सेवाओं का विस्तार, स्मार्टफोन की उपलब्धता, इंटरनेट कनेक्टिविटी में सुधार और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं ने डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है।
कम हो रही नगद लेनदेन पर निर्भरता
बैंकिग अधिकारियों का कहना है कि यूपीआई की सबसे बड़ी ताकत इसकी सरलता और तत्काल भुगतान सुविधा है। इसमें बिना बैंक शाखा जाए या नकदी साथ रखे लोग कुछ सेकंड में भुगतान कर पा रहे हैं। यही कारण है कि नकद लेनदेन पर निर्भरता लगातार कम हो रही है।
रामपुर बाघेलान सबसे आगे
ब्लॉकवार आंकड़ों में रामपुर बाघेलान डिजिटल लेनदेन राशि के मामले में जिले में सबसे आगे रहा। यहां अकेले यूपीआई के माध्यम से 41,55,201 लाख रुपये का कारोबार दर्ज किया गया। दूसरे स्थान पर सोहावल रहा, जहां 12,29,749 लाख रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ। मझगवां में 3,25,148 लाख रुपये, नागौद में 1,72,232 लाख रुपये और उचेहरा में 66,826 लाख रुपये का यूपीआई कारोबार दर्ज किया गया।
ब्लॉकवार यूपीआई से हुए लेनदेन की राशि
रामपुर बघेलान- 41,55,201 लाख रुपए
सोहावल- 12,29,749 लाख रुपए
मझगवां- 3,25,148 लाख रुपए
नागौद- 1,72,232 लाख रुपए
उचेहरा- 66,826 लाख रुपए