2017 की पहली जनवरी को पर्यटकों के उत्पात के बाद लिया गया निर्णय, नए साल के जश्न में 15 से 20 हजार पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान
सतना। नए साल पर मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ समेत अन्यवन्य जीवों के दीदार के साथ पिकनिक का मजा लेने जाने वाले लोग इस बार 3 घंटे से ज्यादा जू में भ्रमण नहीं कर पाएंगे। प्रवेश के तीन घंटे बीत जाने पर प्रबंधन पर्यटकों को बाहर कर देगा।
साल-2017 के पहले दिन नए साल के जश्न में व्हाइट टाइगर सफारी में पर्यटकों द्वारा मचाए गए उत्पात से सबक लेते हुए जू प्रबंधन ने इस बार नए वर्ष के लिए कड़े नियम कायदे बनाए हैं।
पर्यटकों का आंकड़ा 15 से 20 हजार
महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव व्हाइट टाइगर सफारी एण्ड जू प्रबंधन का अनुमान है कि बीते साल की तरह इस वर्ष भी यहां पहुंचने वाले पर्यटकों का आंकड़ा 15 से 20 हजार या उससे ज्यादा भी पहुंच सकता है। पर्यटकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 8 टिकट काउंटर, 4 प्रवेश द्वार बनाने के साथ ही यह भी तय किया गया है कि टिकट की वैधता सिर्फ 3 घण्टे की रहेगी।
इस बार एेसा कदम उठाया
इसके बाद पर्यटकों को जाना पड़ेगा, ताकि व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न होने पाए। जू संचालक एसीएफ संजय रायखेरे ने बताया कि बीते साल की तरह कोई हालात न बने, इसलिए इस बार एेसा कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि मुकुंदपुर सफारी में नए साल में सतना-रीवा जिले के हजारों पर्यटक आते हैं। बीती एक जनवरी को सफारी को सिर्फ टिकटों से 3 लाख की आय हुई थी।
प्रबंधन ने जारी किए निर्देश
- जू एक घण्टा पहले सुबह 9 बजे खोला जाएगा। शाम ४ के बाद वाहनों व पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
- पर्यटकों के लिए बनाए गए 8 टिकट काउंटर व प्रवेश के लिए 4 द्वार।
- प्रवेश टिकट सिर्फ 3 घंटे के लिए वैध होगा, उसके बाद गेट नंबर २ से बाहर निकाला जाएगा।
- इंट्री गेट पर पर्यटकों की होगी सख्त जांच। गुटखा-सिगरेट व अन्य सामग्री साथ नहीं लाने की अपील।
- खाने-पीने का कोई भी सामान व पॉलीथीन भी वर्जित।
- छोटे बच्चों के लिए दूध व पानी बॉटल अंदर ले जाने की अनुमति।
- निर्धारति रूट पर ही पर्यटक सफारी में भ्रमण करेंगे।
- हर रूट की निगरानी के लिए अमला तैनात रहेगा।
टूट गया था गेट
साल 2017 की एक जनवरी को रविवार होने के चलते मुकुंदपुर सफारी में करीब 15 हजार पर्यटक पहुंच गए थे, जिन्हें संभालने के लिए प्रबंधन ने पहले से कोई इंतजाम नहीं किए थे। पर्याप्त टिकट काउंटर व कर्मचारी नहीं होने के चलते पर्यटकों का संयम जवाब दे गया था। प्रवेश पाने की होड़ में जू का मुख्य गेट टूट गया था। प्रबंधन के अनुसार पर्यटकों ने जमकर उत्पात मचाया था। हालत यह थी कि मौके पर बुलाई गई पुलिस को भी व्यवस्था बनाने काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
नए साल में बब्बर शेर के नहीं होंगे दीदार
वन मंडल सतना द्वारा नए साल में पर्यटकों को सफारी में बब्बर शेर का दीदार कराने के दावे हवा-हवाई साबित हुए। जानकारों के अनुसार, यहां बब्बर शेर लाने की कवायद सेंट्रल जू अथॉरिटी के पास गई फाइल में अटकी है। गौरतलब है कि वन मंडल सतना की कोशिश थी कि भिलाई स्थित जू से इस साल के अंत तक बब्बर शेर मुकुंदपुर पहुंच जाए।