
सतना. अमदरा थाना क्षेत्र के रैगवां में लावारिश हाल बच्चा मिलने के बाद एक महिला का शव सड़क से कुछ दूर झाडि़यों से बरामद किया गया था। पास में ही क्षतिग्रस्त जीप भी पुलिस को मिली थी। जांच शुरू करते हुए शक हो चुका था कि मामला हत्या की वारदात का है। पुलिस ने जब जीप सवारों से मृतका और बच्चे की कड़ी जोड़ी तो अपराध की परतें खुलती गईं। एक युवक ने दोस्तों के साथ मिलकर चलती गाड़ी में महिला का गला घोंटकर हत्या की। इस बीच हाइवे में सामने से आ रही कार से गाड़ी टकराई तो आनन फानन शव उतारा और महिला के सोते हुए दो साल के बच्चे को शव के पास लेटा दिया। खुद को बचाते हुए आरोपी गाड़ी छोड़ ट्रेन में सवार होकर भाग निकले। पुलिस ने भी उतनी ही तेजी से कार्रवाही का दायरा बढ़ाया और एक एक कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
यह हैं आरोपी
हत्या के इस अपराध में पुलिस ने मुख्य आरोपी अखिलेश यादव उर्फ अक्की पुत्र बद्रीप्रसाद यादव (25) निवासी ग्राम सिंघइया टोला थाना रीठी जिला कटनी, उसके दोस्त सोहन लोधी पुत्र उज्जियार लोधी (19) निवासी ग्राम लोधी मोहल्ला रैपुरा थाना रैपुरा जिला पन्ना, अजय यादव पुत्र कमलेश यादव (18) निवासी ग्राम रैपुरा थाना रैपुरा जिला पन्ना समेत एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।
शादी के बाद मांगने लगी रुपए
आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस का कहना है, अखिलेश का मेमबाई पत्नी गोविन्द प्रसाद आदिवासी (35) निवासी ग्राम रीठी जिला कटनी से करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोपी अखिलेश भट्टा मोहल्ला कटनी में किराए के मकान में मेमबाई के साथ मे रह रहा था। अखिलेश की डेढ़ माह पहले दूसरी लड़की से शादी हुई। पहले तो अखिलेश अपनी कमाइ्र के 10 हजार रुपए मेमबाई को देता था। लेकिन शादी के बाद उसने इसके दो हिस्से कर दिए। इसी बात पर मेमबाई अकसर उस पर दबाव बनाते हुए झगउ़ा करने लगी।
गला घोंटते टूट गया नाड़ा
मेमबाई से तंग आकर अखिलेश ने अपने साथियो को 5 जुलाई को बुलाया। मेमबाई की हत्या का प्लान बनाकर बुलेरो जीप एमपी 21 सीए 3195 को ३५ सौ रुपए में बुक कर मैहर दर्शन के बहाने निकल पड़ा। अखिलेश गाड़ी चला रहा था। मेमबाई के साथ उसका दो साल का बच्चा भी था। मैहर से करीब १० किमी पहले ही अखिलेश के साथियों ने नाड़ा से मेमबाई का गला घोंटा, एक ने हाथ पकड़े और दूसरे ने उसका मुंह दबा लिया। लेकिन नाड़ा टॅट गया। फिर किसी तरह एक रस्सी से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इस बीच सो रहा बच्चा सीट के नीचे गिर गया था।
मुड़ते ही टकरा गई जीप
हत्या के बाद जब आरोपियों ने हाइवे पर साइड बदलना चाही तो इनकी जीप सामने से आई कार एमपी 19 सीए 4231 से टकरा गई। रैगवां के पास एक्सीडेंट होते ही राष्ट्रीय राजमार्ग में आनन फानन अखिलेश के दो साथियों ने मेमबाई का शव गाड़ी से उतार सड़क किनारे झाडि़यों में फेंक दिया। इसके बाद अखिलेश ने जीप से बच्चे को उठाकर मृतका के शव के पास लेटाया और आरोपी रेलवे स्टेशन मैहर की ओर भाग गए। पुलिस ने रीठी, रैपुरा, जबलपुर में आरोपियो की तलाश करते हुए इन्हें साइबर टीम की मदद से पकड़ा है। अब शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। इनकी शिनाख्त कार्रवाही भी कराई जाएगी। दूसरी ओर मृतका के बच्चे को उसके पिता के सुपुर्द करने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
इस टीम को मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव, एडिशनल एसपी सुरेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन में एसडीओपी मैहर हिमाली सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमदरा निरीक्षक हरीश दुबे ने ऊर्जा डेस्क प्रभारी उप निरीक्षक लक्ष्मी बागरी की मदद से हत्या की गुत्थी को सुलझाया है। इस कार्रवाही में साइबर सेल से उप निरीक्षक अजीत सिंह, एएसआइ दीपेश कुमार, अशोक मिश्रा, दशरथ सिंह, अजय त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक अशोक सिंह, आरक्षक जितेन्द्र पटेल, गजराज सिंह, नितिन कनोजिया, अखिलेश्वर सिंह, दिनेश रावत, पूजा चौहान की भी अहम भूमिका रही है।