
सतना। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के संसद मार्च के दौरान उन पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाने के विरोध में गुरुवार को सतना में भी छात्रों ने शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला। सिविल लाइन चौराहे से शुरू हुआ मार्च सर्किट हाउस चौक हुए सेमरिया चौक तक पहुंचा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और शिक्षक समुदाय शामिल हुआ। पूरे मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी और हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए।
सरकार कुछ नहीं कर रही
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज को सत्ता पक्ष को बल प्रयोग से दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। जिस वजह से 20 बच्चों ने आत्म हत्या कर ली है। देश का एजुकेशन सिस्टम सही नहीं रह गया है। लेकिन सरकार इस पर कुछ नहीं कर रही है। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को दोहराया।
नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
तख्तियों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ नीट पेपर लीक में आत्महत्या करने वाले परिवारों को एक-एक करोड़ का मुआवजा, नीट पेपर लीक सहित एजुकेशन सिस्टम में बदलाव और दोषियों पर कार्रवाई की मांग प्रमुख थी। यह भी कहा गया कि जिन पुलिस कर्मियों ने बिना वर्दी के गुंडों की तरह बच्चों को पीटा है उन पर कार्यवाही की जाए और छात्रों पर लगे मुकदमे वापस लिए जाएं। छात्रों का कहना था कि जब तक इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से उनका आंदोलन जारी रहेगा। मार्च के दौरान यातायात व्यवस्था सामान्य रही और पुलिस बल भी एहतियात के तौर पर तैनात रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कुमार संत कर रहे थे। शांति पूर्ण मार्च में आर्यन तिवारी, एडवोकेट आकाश, मो. आमिर सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
Updated on:
24 Jul 2026 12:16 pm
Published on:
24 Jul 2026 11:27 am
