मां-बाप के दुनिया छोड़कर चले जाने से एक परिवार के तीन बच्चे अनाथ हो गए। घर में बूढ़ी दादी के अलावा कोई नहीं बचा था। ऐसे में समाज के लोगों ने इन बच्चों को सहारा देने की पहल की ।
सवाईमाधोपुर। नियति ने पहले मां को छीना और फिर पिता का साया भी बच्चों के सिर से उठा लिया। मां-बाप के दुनिया छोड़कर चले जाने से एक परिवार के तीन बच्चे अनाथ हो गए। घर में बूढ़ी दादी के अलावा कोई नहीं बचा था। ऐसे में समाज के लोगों ने इन बच्चों को सहारा देने की पहल की और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान चलाकर 11 लाख रुपए जुटाकर आर्थिक मदद की।
अंतरराष्ट्रीय गुर्जर गौड ब्राह्मण महासभा युवक संघ जिलाध्यक्ष खेमराज गौतम ने बताया कि खैरदा क्षेत्र की शांति नगर कॉलोनी निवासी मुकेश गौतम की गत 7 अगस्त को एक घर पर मजदूरी करते समय करंट लगने से मौत हो गई थी। जबकि मुकेश की पत्नी और इनके चाचा की गत मार्च माह में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पांच माह के अंतराल में परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद घर में सिर्फ तीन बच्चे और बच्चों की दादी ही जिंदा बची थी।
ऐसे में समाज के सात लोगों ने परिवार की मदद करने के लिए सोशल मीडिया पर एक अभियान की शुरुआत की। देखते ही देखते कारवां बढ़ता गया और सर्वसमाज के कई लोगों से मिले आर्थिक सहयोग से अनाथ बच्चों की मदद के लिए 11 लाख की राशि एकत्रित हो गई। इस दौरान इस राशि में से तीन-तीन लाख की तीन एफडी फिक्स डिपोजिट बच्चों के नाम करवाई गई और दो लाख इन बच्चों और दादी को परिवार चलाने के लिए बतौर मदद प्रदान किए।
जानकारी के अनुसार तीन बच्चों में बड़ा बेटा गिर्राज (17) 12वीं में पढ़ता है। दूसरे नंबर की बेटी लक्ष्मी गौतम (16) 11वीं में और सबसे छोटा बेटा लोकेश गौतम (13) आठवीं में पढ़ता है। बच्चों के साथ सिर्फ इनकी दादी गुलाब देवी (70) ही बची हैं।
समाज के खेमराज ने बताया कि जब उन्हें इस परिवार के बच्चों की बेसहारा होने की जानकारी मिली तो कुछ लोगों से इनके बारे में चर्चा की। इस पर डॉ. धर्मेंद्र गौतम, सीमा, मदनमोहन, हनुमान पचारिया, पंडित लालचंद और कमलेश आगे आए। सभी ने खुद भी मदद देते हुए सोशल मीडि़या के माध्यम से अलग-अलग ग्रुप बनाकर एक अभियान चलाया। इससे इन बच्चों की मदद करने में वे आर्थिक सहयोग राशि एकत्रित कर पाए।