सवाई माधोपुर

राजस्थान के इन 7 जिलों में बनेगा चीता कॉरिडोर, मध्यप्रदेश के साथ जल्द होगा MOU

चीता कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर यहां शुक्रवार को मध्यप्रदेश और राजस्थान के वनाधिकारियों के बीच संयुक्त बैठक हुई।

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Cheetah Corridor: कूनों के जंगल से अब चीतों को जल्द छोड़ा जाएगा। छोड़ने के साथ ही इनके मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। वन अधिकारियों के अनुसार चीता जहां भी मूवमेंट करेंगे, वहां वन विभाग की टीम इन्हें सुरक्षा देगी और उसी अनुसार इनका एक कॉरिडोर तय किया जाएगा।

चीता कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर यहां शुक्रवार को मध्यप्रदेश और राजस्थान के वनाधिकारियों के बीच संयुक्त बैठक हुई। इसमें चीता कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में चीता प्रोजेक्ट को लेकर जल्द ही सरकार के स्तर पर एमओयू करने का निर्णय किया गया।

विस्तृत कॉरिडोर बनाने पर भी मंथन किया गया। चीतों के मूवमेंट पर ही कॉरिडोर तय होगा। -अनूप के आर, मुख्य वन संरक्षक, रणथम्भौर टाइगर रिजर्व

7 जिले हो सकते हैं कॉरिडोर में शामिल

कॉरिडोर में एमपी, यूपी और राजस्थान के कुल 27 डिवीजन का वन क्षेत्र शामिल हो सकता है। इसमें मध्य प्रदेश के शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, अशोक नगर, गुना, नीमच मंदसौर जिले एवं राजस्थान के सवाईमाधोपुर, बारां, कोटा ,करौली, झालावाड़ ,बूंदी और चित्तौड़गढ़ जिला सहित अन्य वन क्षेत्र जो चीता मूवमेंट से जुड़ेंगे, इस कॉरिडोर का हिस्सा बनेंगे। वहीं यूपी के झांसी और ललितपुर वन क्षेत्र को भी इस परियोजना में शामिल किया जाएगा।

Published on:
30 Nov 2024 08:24 am
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