
सवाईमाधोपुर. श्रम विभाग में अधिकारियों की अनदेखी से ऑन लाइन आवेदनों में अनियमितताओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पंजीकृत श्रमिकों को कार्यालय में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी काम नहीं हो रहे हैं। इससे उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पीडि़त अमरगढ़ चौकी गंगापुरसिटी निवासी सुखराम माली ने इस संबंध में बुधवार को शासन सचिव एवं आयुक्त श्रम विभाग को पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की है। उसने पत्र में बताया कि उसने सीएम पोर्टल पर 11 फरवरी व 8 मार्च को जनसुनवाई के बाद सुविधाशुल्क के अभाव में शुभ शक्ति पत्रावली को लम्बित भौतिक सत्यापन से बार-बार वापस स्पष्टीकरण पर डालने की शिकायत की है।
उसने बताया कि उसने अपनी पुत्री की शुभशक्ति पत्रावली 22 जुलाई 2017 को ऑनलाइन कराई थी। 10 फरवरी 2018 को लम्बित भौतिक सत्यापन पर आ गई थी। 14 फरवरी को वापस भरा हुआ योजना का फॉर्म ऑन लाइन मांगा गया। इसके बाद वह कार्यालय में तथा अटल सेवा केन्द्र में हुई जनसुनवाई में जिला कलक्टर को शिकायत की। इसके बाद पुन: 31 मार्च को वापिस लम्बित भौतिक सत्यापन पर आ गई। इस पर पुन: अधिकारियों ने 8 अप्रेल को वापिस भरा हुआ फॉर्म मांगा। इस पर उसने कार्यालय में सम्पर्क किया तो कम्प्यूटकर कर्मी ने बताया कि पत्रावली सही है।
उसके बाद 16 अपे्रल को पत्रावली लम्बित भौतिक सत्यापन पर आ गई। उन्होंने जानबूझकर सुविधा शुल्क के अभाव में स्पष्टीकरण पर डाल दी। प्रार्थी जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर से आता है। इससे उसे आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी से उसे राज्य सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर अधिकारी व कम्प्यूटर कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, इस संबंध में सहायक श्रम आयुक्त जीपी वर्मा ने बताया कि ऑन लाइन आवेदन ई-मित्र पर भरे जाते हैं। वहीं गड़बड़ी होती है। कार्यालय में सभी कार्य प्राथमिकता से होते हैं। आरोप निराधार हैं।