
Sawai Madhopur Accident: मृतक दीपक (फाइल फोटो-पत्रिका)
सवाई माधोपुर। घर में आने वाले नन्हे मेहमान की खुशियों का इंतजार था। पत्नी नौ महीने की गर्भवती थी और परिवार को जल्द ही नई जिंदगी के आगमन की उम्मीद थी। लेकिन किसे पता था कि खुशियों से भरे इस परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा। लालसोट-कोटा मेगा हाईवे पर पिकअप की टक्कर ने 22 वर्षीय दीपक मीणा की जिंदगी छीन ली। चार बहनों के इकलौते भाई दीपक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पति को खोने वाली गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ दिनों बाद बच्चे के जन्म की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब मातम पसरा है।
हादसा शनिवार रात सवाई माधोपुर जिले के भाड़ौती क्षेत्र में टोल प्लाजा और पेट्रोल पंप के बीच हुआ। गंभीरा निवासी दीपक मीणा (22) पुत्र रामदयाल मीणा बाइक से सवाई माधोपुर से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान एक पिकअप ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि दीपक घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
हादसे की सूचना मिलने पर हाईवे 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस कर्मियों ने घायल दीपक को भाड़ौती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्साकर्मियों ने उसे सवाई माधोपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में रातभर उसका उपचार चला, लेकिन रविवार दोपहर जिंदगी की जंग हार गया।
मेगा हाईवे एंबुलेंस कर्मी हरि सिंह मीणा ने हादसे और घायल को अस्पताल पहुंचाने की जानकारी दी। दीपक की मौत के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
दीपक अपने परिवार का इकलौता बेटा और चार बहनों का इकलौता भाई था। करीब एक साल पहले उसकी शादी हुई थी। उसकी पत्नी नौ महीने की गर्भवती है। परिवार में बच्चे के जन्म को लेकर खुशियों का माहौल था, लेकिन सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
दीपक की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। पति को खोने के सदमे से गर्भवती पत्नी बेसुध सी हो गई और परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चार बहनों के लिए उनका इकलौता भाई अब कभी लौटकर नहीं आएगा। वहीं, आने वाले बच्चे के सिर से जन्म से पहले ही पिता का साया उठ गया।
दीपक की असमय मौत से गंभीरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार जिस बेटे के सहारे भविष्य के सपने देख रहा था, उसकी मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। एक सड़क हादसे ने उस परिवार की खुशियां छीन लीं, जो नई जिंदगी के स्वागत की तैयारी में था। अब परिवार के सामने अपनों को खोने का दुख और आने वाले बच्चे के भविष्य की चिंता दोनों हैं।
Updated on:
11 Oct 2026 06:45 pm
Published on:
11 Oct 2026 06:45 pm
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