सवाई माधोपुर

शिक्षा से ही होगा समाज का विकास

शिक्षा से ही होगा समाज का विकास
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 ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए एवं उपस्थित ग्रामीण।
भगवतगढ़ के गिरधरपुरा में संसदीय सचिव ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए एवं उपस्थित ग्रामीण।

भगवतगढ़ . संसदीय सचिव ने गुरुवार को भगवतगढ़ क्षेत्र का दौरा किया। भाजपा मंडल महामंत्री राजेन्द्र सिंह गोहिल ने बताया कि संसदीय सचिव ने गुरुवार शाम बिनजारी ग्राम पंचायत के गिरधरपुरा गांव में बैरवा समाज द्वारा आयोजित समरसता कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगों से कहा कि समाज के उत्थान एवं विकास के लिए शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्यागने एवं शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए आगे आने को कहा। इस अवसर पर संसदीय सचिव ने गुर्जर, मीना एवं बैरवा मोहल्ले में एक-एक हैण्डपम्प लगवाने की घोषणा की। इससे पूर्व संसदीय सचिव भगवतगढ़ में एक वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता की मृत्यु होने पर उसके पारिवारिक सदस्यों को सांत्वना देने पहुंचे। इस अवसर पर दौरे में संसदीय सचिव के साथ आदलवाड़ा सरपंच हरिराम मीना, बिनजारी सरपंच रमेश मीना, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष रामबिलास गुर्जर, भगवतगढ़ भाजपा इकाई अध्यक्ष कृष्णवतार शर्मा, आईटी सेल मंडल अध्यक्ष मोहनलाल शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।


वन विभाग को भेंट की जिप्सी, बाघ की मॉनिटरिंग में होगी आसानी
सवाईमाधोपुर. हाल ही में बूंदी के रामगढ़ से कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किए गए बाघ टी-91 की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ संस्था की ओर से गुरुवार को वन विभाग को जिप्सी भेंट की गई। संस्था के फील्ड ऑफिसर नवीन बबेरवाल ने बताया कि डब्लू डब्लू एफ रणथम्भौर के समन्वयक डॉ. अभिषेक भटनागर ने जिप्सी की चाबी चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जीवी रेड्डी व डीएफओ टी मोहनराज के सुपुर्द की।
प्रतियोगिता में दिखाई प्रतिभा : सरस्वती महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में चल रहे शिविर के तहत गुरुवार को मेंहदी प्रतियोगिता हुई। महाविद्यालय की निदेशिका मंजू शर्मा ने बताया कि काव्य पाठ, गायन आदि कई प्रतियोगिताएं हुईं। इससें पूर्व में भी शिविर के दौरान निबंध प्रतियोगिता, श्रमदान आदि कार्यक्रम आयोजित हुए।


कार्यकर्ता एवं सहायिका का किया चयन
भगवतगढ़ ञ्च पत्रिका. जटवाड़ा कलां ग्राम पंचायत में शुक्रवार को अटल सेवा केंद्र पर ग्राम सभा का आयोजन हुआ। सरपंच बुगलचंद मीना ने बताया कि ग्रामीण एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक रणजीत कौर के निर्देशन में ग्राम सभा में मीना बस्ती में नए आंगनबाड़ी केंद्र के लिए विभाग द्वारा जारी मेरिट लिस्ट के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के नाम का अनुमोदन किया गया। सरपंच ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए सुनीता मीना पत्नी रामकेश मीना तथा सहायिका के लिए ममता मीना पत्नी रामजीत मीना के चयन का अनुमोदन किया गया। जबकि सहयोगिनी के पद पर विभाग को योग्यतानुसार आवेदन नहीं मिलने से चयन नहीं हो सका। सरपंच ने बताया कि ग्राम सभा में वित्तीय वर्ष 2018-2019 की कार्य योजना तैयार की गई। इसमें विशेष रूप से पेयजल पर अधिक फोकस किया गया।


नि:शुल्क परामर्श शिविर आज
सवाईमाधोपुर. अन्तरराष्ट्रीय गुर्जर गौड़ ब्राह्मण महासभा देशबंधु नाक, कान, गला हॉस्पिटल जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को नौ बजे से गौतम आश्रम में नि:शुल्क परामर्श शिविर लगाया जाएगा। जिलाध्यक्ष लालचन्द गौतम ने बताया कि शिविर में पंजीयन सुबह नौ बजे से शुरू हो जाएंगे। वहीं परामर्श सुबह दस से दोपहर 2 बजे तक दिया जाएगा। मरीज के अपने साथ आधार कार्ड व भामाशाह कार्ड लाना अनिवार्य है।


बैठक कल
सवाईमाधोपुर. सैन चेतना विकास समिति की बैठक शनिवार को शाम सात बजे शहर स्थित सैन महाराज की बगीची पर होगी। समिति के प्रवक्ता निर्मल सैन ने बताया कि बैठक में 13 अप्रेल को संत शिरोमणि सैन के जन्मोत्सव मनाने पर चर्चा की जाएगी।


बाटोदा. केवीएसएस द्वारा संचालित समर्थन मूल्य तुलाई कांटे पर पटवारियों के नहीं होने से गिरदावरी के अभाव में किसान अपने माल की तुलाई करने के लिए भटक रहे हैं। अब तक यहां मात्र 125 कट्टे सरसों ही तुल पाई है। केवीएसएस चेयरमैन ज्ञानीचंद्र मीना ने बताया कि बाटोदा, बैरखंडी, भावड़, सांचोली सहित कई हलकों में पटवारी का पद रिक्त है। यहां किसानों के काम के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में पटवारियों द्वारा गिरदावरी नहीं बनाए जाने के कारण माल तुलाई नहीं हो पा रही है। इस बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी व्यवस्था नहीं होने से किसान परेशान है।


बंद रही मण्डी किसान हुए परेशान
सवाईमाधोपुर. कृषि उपज मण्डी में व्यापारियों व पल्लेदार यूनियन के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवाद के चलते गुरुवार को भी मण्डी में जिंंसों का तुलाई कार्य ठप रहा। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों से चना आदि जिंसों को लेकर मण्डी मेें आने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।