
भगवतगढ़. ग्राम पंचायत जटवाड़ा कलां के ढूंढा गांव में बनास नदी के किनारे पर चाणक्या बालाजी मंदिर में चल रही भागवत कथा में शनिवार को गंगावतरण, धु्रव चरित्र, भक्त प्रहलाद चरित्र, नृसिंह अवतार हिरण्यकश्यप वध आदि प्रसंग सुनाए गए। कथावाचक पंडित ने शनिवार को भक्त प्रहलाद की भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा एवं भक्ति का वर्णन करते हुए कहा कि यदि सच्चे मन एवं श्रद्धा से भगवान की भक्ति की जाए तो भगवान भक्त के वशीभूत हो जाते है। उन्होंने कहा कि कलियुग में जीवन के कल्याण के लिए ईश्वर की भक्ति अवश्य करनी चाहिए।
उन्होंने हिरण्यकश्यप वध प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पृथ्वी पर अत्याचारों का बोलबाला बढऩे एवं धर्म की हानि होने पर भगवान अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते है। कथा स्थल पर कथा सुनने के लिए रोज आस-पास गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे है। कथा स्थल पर दर्जनों की संख्या में संतों का जमावड़ा होने से वातावरण धर्ममय बना हुआ है। इस दौरान रोजाना विभिन्न गांवों के लोग व्यवस्थाएं बनाने में जुटे हुए है। कथा स्थल पर रोज अलग-अलग गांवों के लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाया जा रहा है।
जीवन कल्याण के लिए ईश्वर की भक्ति जरूरी कलशयात्रा के साथ कथा शुरू
पीपलदा. यादव मोहल्ला स्थित शिव मंदिर के पास शनिवार को भागवत कथा शुरू हुई। इससे पहले कलशयात्रा निकाली गई। आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता बजरंगलाल गुप्ता ने बताया कि कलशयात्रा में लोगों ने उत्साह से भाग लिया। कलश यात्रा चामुण्डा माता मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार सहित कई मोहल्लों से गुजरती हुई भागवत कथा स्थल पहुंची। जहां पूजन किया गया। प्रवचन के दौरान कथा वाचक पंडित गिरिराज प्रसाद शर्मा ने कहा कि भागवत मोक्ष का द्वार है। भागवत कथा श्रवण से भक्ति ज्ञान व वैराग्य की प्राप्ति होती है। मन की शुद्धि से मोह का क्षय हो जाता है। उन्होंने भगवान का नाम अधिक से अधिक स्मरण करने पर बल दिया। इस मौके पर भजन कीर्तन भी हुए।
यज्ञ में राम जीवन पर डाला प्रकाश
बौंली. क्षेत्र के घाटा नैनवाड़ी स्थित मीन मंदिर पर बुधवार से शुरू मीन भगवान प्राण प्रतिष्ठा समारोह व नव दिवसीय 108 कुंडीय विष्णु महायज्ञ चौथे दिवस भी कुंडों में आहुतियों का क्रम जारी रहा। आचार्य मनीष शर्मा के सानिध्य में विद्वान पंडितों के अनुसार वेद मंत्रों की ध्वनि से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्ति में बना हुआ है। कार्यक्रम से जुड़े हनुमान मीणा ने बताया कि दयाराम गुरूजी सांचोली वालों ने रामकथा को आगे बढ़ाते हुए अयोध्याकाण्ड के बारे में श्रीराम जीवन चरित्र के बारे में लोगों को बताया और गुरु महाराज की महिमा को निरगुन भजन के माध्यम से बताया। यज्ञ में भंडारे में रोजाना करीब 20 से 25 हजार लोग भोजन करते हैं। रात्रि के समय चलचित्र के माध्यम से पर्दे पर धार्मिक चलचित्र दिखाया जाता है।