Rare Turtle News: सवाई माधोपुर में अंधविश्वास का चौंकाने वाला मामला! बीमार पत्नी को कछुए का मांस खिलाने के लिए पति ने बनास नदी से पकड़ा दुर्लभ कछुआ, लेकिन काटने से पहले ही पलट दी बाजी। पढ़ें पूरी खबर।
Sawai Madhopur News: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से हैरान करने वाली एक खबर सामने आई है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को बचाने के लिए एक दुर्लभ कछुए की जान लेने की तैयारी कर ही ली थी, लेकिन समय रहते वन विभाग को इसकी सूचना मिल गई। विभाग ने कछुए को बरामद कर उसकी जान बचाने के लिए करीब आधा घंटे तक उसकी सर्जरी की और जान बचा ली। उधर कछुआ पकड़ने वाले एक शख्स को दबोच लिया गया है, हालांकि उसका साथी फरार हो गया है। यह पूरा घटनाक्रम टीबी के इलाज से जुड़ा है, जबकि टीबी का इलाज राजस्थान में फ्री है।
दरअसल जयपुर के बिंदायका इलाके में रहने वाले राजू नाम के एक युवक की पत्नी टीबी की पेशेंट हैं। राजू को एक हकीम ने सलाह दी कि इसकी जान बचाने के लिए एक कछुए का मांस इसे खिलाना होगा, उसके बाद ये बच जाएगी। राजू बावरिया ने कछुआ पकड़ने के लिए अपने एक दोस्त को साथ लिया और सवाई माधोपुर की बनास नदी जा पहुंचा।
वहां रविवार रात कछुआ पकड़ा। मछली पकड़ने वाले बड़े हुक में कछुआ फंस गया। उसे बाहर निकाला और बोरे में डाला। किसी ने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी। विभाग की टीम ने जब बाइक सवारों को रोका तो उनमें से एक भाग गया। पता चला बोरे में दुर्लभ किस्म का कछुआ है। उसके मुंह में मछली पकड़ने का बड़ा हुक फंसा हुआ था। उसे निकालने में करीब आधा घंटे तक कछुए की सर्जरी की गई।
उधर पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई है। वह भी आरोपी को तलाश कर रही है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में टीबी का इलाज फ्री है। प्रदेश का अधिकांश इलाका तो पूरी तरह से टीबी मुक्त हो चुका है। कछुए की जान बच गई है, वह रणथंभौर टाइगर रिजर्व के वेटरनरी हॉस्पिटल में निगरानी में है। पूरी तरह से सही होने पर ही उसे उसकी टेरेटरी में छोड़ा जाएगा। वन विभाग की टीम ने बताया कि इस तरह का मामला पहली ही बार सामने आया है। जो कछुआ पकड़ा है वह दुर्लभ नस्ल का है। उसकी पूरी तरह से देखरेख की जा रही है। मुंह में गंभीर घाव हुए हैं। उन्हें सही होने में कुछ दिन लग सकते हैं।