आयुर्वेद पद्धति से उपचार के लिए सवाईमाधोपुर के लोगों को जयपुर जाना पड़ता था, लेकिन अब इन बीमारियों का इलाज यहीं हो सकेगा।
सवाईमाधोपुर। बालों का झड़ना, मधुमेह के कारण होने वाले घाव का देर से भरना, कील मुहांसे आदि रोगों का उपचार अब जिला अस्पताल में आयुर्वेद्ध पद्धति से हो सकेगा। राजकीय जिला आयुष चिकित्सालय की पाइल्स यूनिट में मंगलवार से लीच थैरपी (जलोका चिकित्सा) की शुरुआत की गई।
राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय प्रभारी डॉ. हंसराज शर्मा ने बताया कि अभी तक वेरीकोज वेन, सपाटिका, बालों का झडऩा, दुष्ट व्रण (घाव का देर से भरना) मधुमेह के कारण होने वाले घाव का देर से भरना, कील मुहांसे आदि बीमारियों के लिए आयुर्वेद पद्धति से उपचार के लिए जयपुर जाना पड़ता था, लेकिन अब इन बीमारियों का इलाज सवाईमाधोपुर में ही हो सकेगा। लीच थैरेपी से पहले दिन रोगी बाबूलाल जैन की वेरीकोज वेन की चिकित्सा की। डॉ. अंजली मीणा ने बताया कि इसमें रोगी को लगभग तीन-तीन दिन के अंतराल में तीन बार बुलाया जाता है। सप्ताह में रवि, सोम व मंगल को उपचार किया जाता है। इस दौरान इनके साथ कम्पाउंडर भानु त्रिवेदी, परिचारक सर्जन सिंह चिकित्सा टीम में मौजूद रहे।