
सवाईमाधोपुर. जिले के एकमात्र स्वतंत्रता संग्राम शहीद पंडित कल्याण शर्मा की मूर्ति पिछले 21 साल से अपने अनावरण की राह देख रही है। इसे सिस्टम की उदासीनता ही कहेंगे कि सवाई माधोपुर के एकमात्र स्वतंत्रता संग्राम शहीद को अतीत की कहानी कहकर बिसरा दिया गया। जिन्हें सवाई माधोपुर के प्रेरणा स्रोत के रूप में स्थापित किया जाना था। प्रशासनिक उदासीनता के चलते सवाई माधोपुर के एकमात्र स्वतंत्रता संग्राम शहीद की मूर्ति मानटाउन सरकारी स्कूल के स्टोर में बन्द है जो पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से अपने अनावरण की राह देख रही है।
3 साल पहले पत्नी का अनावरण की आस में हुआ देहान्त
अमर शहीद कल्याण शर्मा के पुत्र शंभू दयाल शर्मा ने बताया कि उनकी माता का देहांत करीब तीन साल पहले हो चुका है। उनका देहान्त इसी आस में हो गया उनके पति की मूर्ति का अनावरण होगा। शंभू दयाल शर्मा ने कहा कि हम लगातार प्रशासन और सरकार व अन्य लोगों तक अपनी बात रखते रहे हैं। इसके बावजूद किसी ने भी मूर्ति का अनावरण करवाना उचित नहीं समझा। उन्होंने बताया कि अमर शहीद कल्याण शर्मा के नाम पर एक मार्ग का भी नाम रखा गया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते वह भी भूली बिसरी बातें हो गईं।
प्रजा मंडल आन्दोलन में लिया था हिस्सा
स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन के दौरान राजस्थान में चलाये गए प्रजामंडल आन्दोलन में पंडित कल्याण शर्मा ने हिस्सा लिया था। वह गोवा मुक्ति आंदोलन में 15 अगस्त 1955 को केवल 24 साल की अल्पायु में शहीद हो गए थे। सवाईमाधोपुर के वीर सपूत अमर शहीद पंडित कल्याण प्रसाद शर्मा की शहादत को 66 वर्ष बीत जाने के बाद भी उनकी प्रतिमा को उचित सम्मान प्राप्त नहीं हो सका हैं।
मध्यप्रदेश में क्लब, गोवा में शिलालेख पर सवाईमाधोपुर में कुछ नहीं
गोवा में 9 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजगढ़ व उज्जैन के क्रान्तिकारियों के साथ तिरंगा लहराने के दौरान पुर्तगाली सेना ने गोली मार दिए। जिससे पंडित कल्याण शर्मा शहीद हो गए। 1961 में भारतीय संघ में विलय के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय चलाया था और गोवा का भारत संघ में विलय हुआ। गोवा को आजादी मिलने के बाद आज भी उनका शिलालेख गोवा में लगा हुआ है। अमर शहीद कल्याण शर्मा के नाम से मध्यप्रदेश में क्लब हैं। सवाई माधोपुर जो उनकी जन्मस्थली कर्म स्थली है वहां उनके नाम का कुछ भी नहीं है उनकी मूर्ति 21 साल से कबाड़ में पड़ी हुई अपनी अनावरण की राह देख रही है।
1971 में इंदिरा ने दिया था ताम्रपत्र
1971 में तत्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शहीद पंडित कल्याण शर्मा को ताम्रपत्र दिया था। कल्याण शर्मा के पुत्र शंभू दयाल शर्मा ने बताया कि उनकी माताजी को सरकार की ओर उन्हें स्वतंत्रता सेनानी की पेंशन भी दी जाती थीए लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते उनके पिता की मूर्ति का अनावरण नहीं हो सका है।
संगठन कर रहे हैं मूर्ति अनावरण की मांग
सवाई माधोपुर के एकमात्र स्वतंत्रता संग्राम शहीद पंडित कल्याण शर्मा की मूर्ति पिछले 21 साल से अपने अनावरण की राह देख रही है। इसके लिए सिंपल फाउण्डेशन की ओर से लगातार मूर्ति अनावरण की मांग की जा रही है। शनिवार भी फाउंडेशन की ओर से इसके लिए एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। फिलहाल शहीद पंडित कल्याण शर्मा की मूर्ति अनावरण के इंतजार में मानटाउन स्कूल के स्टोर में रखी हुई है।
इनका कहना है...
शहीद पूरे देश के लिए सम्मानीय हैं। मामला पुराना है, संज्ञान में आने के बाद नगर परिषद से रिपोर्ट मांगकर जल्द ही मूर्ति का अनावरण कराया जाएगा।
-सूरज सिंह नेगी,एडीएम सवाईमाधोपुर।