Heavy Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर डिप्रेशन तंत्र बना हुआ है। कोटा और उदयपुर संभाग में आगामी दो दिन यलो अलर्ट जारी किया है।
Today Heavy Rain Alert: प्रदेश में मानसून सक्रिय हो गया है। इस दौरान मौसम विभाग ने भी बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आगामी 3 घंटों के भीतर सवाईमाधोपुर और टोंक जिले में मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिर सकती है। वहीं मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रहने और कहीं कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने इन दोनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं डुंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर, कोटा, बूंदी, सीकर, चूरू और चित्तौड़गढ़ जिलों में कहीं कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। बता दें कि प्रदेश में 60 दिन के मानसून के दौरान पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार पानी की 8 प्रतिशत ज्यादा आवक हुई है। प्रदेश के 269 बांध लबालब भर गए हैं और 300 बांधों में पानी की आवक अधिक हुई है। वहीं 100 से ज्यादा बांधों में पानी की आवक जारी है और जल्द इनके लबालब होने की उम्मीद जल संसाधन विभाग के इंजीनियर लगा रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ सवाईमाधोपुर में रविवार को दिनभर उमस के बाद शाम को झमाझम बारिश हुई। बारिश के बाद शहर की सड़कों व गली-मोहल्लों में तेज गति से पानी बह निकला। वहीं मौसम सुहाना हो गया। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई है। इससे पहले सुबह चटकीली धूप खिली। बाद में दोपहर को सूरज की लुकाछिपी का खेल जारी रहा। दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए। ऐसे में पहले थोड़ी देर रिमझिम बारिश हुई। इसके बाद करीब पौने छह से सवा छह बजे तक झमाझम बारिश हुई। बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। अचानक से हुई झमाझम बारिश से राहगीरों व वाहन चालकों को भी परेशानी हुई।
जिला मुख्यालय पर शाम को पौने छह बजे जैसे ही झमाझम बारिश शुरू हुई। बिजली गुल हो गई। इससे शहर के गली-मोहल्लों व बाजार में भी अंधेरा छा गया। बिजली चले जाने से लोगों को परेशानी हुई। हालांकि करीब 20 मिनट बाद बिजली आ गई। जिला मुख्यालय पर रविवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। बारिश के बाद जिले के जलस्त्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। क्षेत्र के तालाब, नदी-नालों, बांधों में जलस्तर बढ़ा है। देर शाम तक पानी की बूंदें गिरती रहीं। बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुल गई।