
सवाईमाधोपुर. जिला मुख्यालय पर अब शहर के कचरे का शीघ्र निस्तारण हो सकेगा। इसके लिए रविवार को नगरपरिषद के तत्वावधान में रविवार को शहर खण्डार बस स्टैण्ड पर पुराने ठोस कचरे के निस्तारण के लिए जैविक उपचार(बायोरिमेडिएशन) प्लांट कार्य का शिलान्यास हुआ। नगरपरिषद आयुक्त नवीन भारद्वाज ने बताया कि बायोरिमेडिएशन-बायोमाइनिंग कार्य का शिलान्यास पूर्व विधायक यास्मीन अबरार ने किया। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की लागत 1 करोड़ 40 लाख है। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व विधायक यास्मीन अबरार थी। अध्यक्षता नगरपरिषद सभापति विमल महावर ने की। इस दौरान उपसभापति अली मोहम्मद, पार्षद संजय गौतम, फारूक, बंटी शर्मा, गफ्फूर, सलीम रंगरेज आदि मौजूद थे।
3 भागों में होगा विभाजित
उन्होंने बताया कि मशीन से तीन भागों में कार्य किया जाएगा। पहला कार्य मोटे पत्थर अलग करने, दूसरा कार्य प्लास्टिक, गत्ता, कपड़ा व चमड़ा आदि वस्तुओं को अलग किया जाएगा। इसी प्रकार तीसरा कार्य मिट््टी व खाद को अलग करने के लिए किया जाएगा। मोटे पत्थर का उपयोग सिविल वर्क में शहर की सड़कों पर हो रहे गड््ढे को भरवाया जाएगा। इसी प्रकार प्लास्टिक, गत्ता, कपड़ा व चमड़ा आदि को एकत्रित कर सीमेंट फैक्ट्री में भिजवाया जाएगा। यहां पर ऊर्जा एनर्जी का निर्माण होगा। इसी प्रकार मिट््टी को रोड की साइड़ो व गड््ढों में भरने के काम में लिया जाएगा।
खण्डार बस स्टैण्ड व ठींगला में 35-35 हजार टन कचरा
नगरपरिषद के अनुसार वर्तमान में खण्डार बस स्टैण्ड व ठींगला में 35-35 हजार टन कचरा है। ऐसे में बायोरिमेडिएशन-बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट कार्य के दौरान इसका निस्तारण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से शहर में होने वाले कचरे से निजात मिलेगी।