हथड़ौली सरपंच रघुवीर मीणा की हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन बैठे हैं कलक्टे्रट के बाहर
सवाईमाधोपुर. हथड़ोली सरपंच रघुवीर मीणा की हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक के परिजन शुक्रवार को दूसरे दिन भी ९ सूत्री मांगों के निराकरण के लिए कलक्ट्रेट के बाहर अनिश्चित कालीन आमरण अनशन पर बैठे रहे। इस दौरान उनके साथ हथड़ौली के दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।
एक महीने में नहीं आई अतिरिक्त फोर्स
धरने में शामिल सरपंच की पत्नी धोला देवी, पुत्र भैरूलाल मीणा, बेटी इन्द्रा मीणा ने बताया कि प्रशासन के साथ बजरी खनन को रोकने गए सरपंच की खनन माफियाओं ने एक माह पूर्व हत्या कर दी थी।
इसके बाद भी क्षेत्र की बनास नदी व चरागाह भूमि पर धड़ल्ले से अवैध बजरी खनन किया जा रहा है। इस संबंध में जिला कलक्टर से चरागाह भूमि पर खनन रोकने के संबंध में शिकायत करने पर वे हर बार पुलिस फोर्स की कमी बताकर तथा अलग से दो टुकड़ी पुलिस फोर्स आने के बाद कार्रवार्ई करने का झूठा आश्वासन देते हैं। सरपंच की हत्या हुए करीब एक माह बीत गए, जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की ओर से चरागाह व बनास नदी में बजरी खनन रोकने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है। परिजनों ने जिला कलक्टर से मुलाकात कर मृतक सरपंच रघुवीर मीणा को शहीद का दर्जा दिलाने, हत्या के आरोपितों को शीघ्र गिरफतार करने, मृतक के पुत्र भैरूलाल मीणा द्वारा दी गई रिपोर्ट को प्राथमिकता देने व हत्या के मामले का अनुसंधान करने, हत्या की साजिश में शामिल बजरी खनन माफियाओं तथा बौंली थाने के थानाधिकारी सतीश वर्मा, पुलिसकर्मी बच्चूसिंह, बालकिशन गुर्जर, धर्मेन्द्र चौधरी, गोरधन भाटी, महेश गुर्जर,अजय बैरवा, हेमराज बैरवा, सीताराम चौधरी, धर्मेन्द्र सिंह आदि के संबंधों की तथा उनकी मोबाइल कॉल डिटेल की जांच करा दोषी पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलम्बित करने, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने, क्षेत्र में बजरी खनन को रोकने के लिए पुलिस चौकी लगाने, हथडौली क्षेत्र की चरागाह भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटवाकर मेड़बंदी कराने, राजकार्य में बाधा डालने के मामले में नामजद आरोपितों की गिरफ्तार करने आदि की मांग की है।