
सवाईमाधोपुर में तेज अंधड़ व इनसेट में खेत में लगा टेंट उड़ा। फोटो: पत्रिका
सवाईमाधोपुर शहर समेत जिलेभर में गुरुवार शाम को मौसम का मिजाज बदला। तपती दोपहरी में जब लोगों को लगा कि गर्मी का कहर थमने वाला नहीं है, तभी शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट बदल दी। सुबह से ही तेज धूप ने जनजीवन को बेहाल कर रखा था। लोग पसीने से तर-बतर होकर राहत की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन शाम चार बजे बाद अचानक अंधड़ चला और देखते ही देखते वातावरण धूल-धूसरित हो गया।
सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय पर शाम चार बजे तेज हवाओं के साथ आई धूल ने कुछ देर के लिए जनजीवन को थाम दिया। सड़कें और गलियां धूल से भर गई, पेड़-पौधे झूमने लगे और आसमान पर धुंधली परत छा गई। लोग घरों में दुबक गए और दुकानदारों ने अपने शटर गिरा दिए। कई जगह बिजली के तारों में भी अंधड़ का असर देखा गया। गांवों में खेतों पर काम कर रहे किसान अंधड़ से कुछ देर के लिए परेशान हुए, लेकिन बाद में ठंडी हवा और बूंदाबांदी ने उन्हें राहत दी। अंधड़ से शादी विवाह आयोजकों को भारी परेशानी हुई।
अंधड़ के दौर थमने के बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई। ठंडी हवाओं ने तपते वातावरण को पलभर में बदल दिया। लोग घरों से बाहर निकलकर खुले आसमान के नीचे खड़े हो गए और राहत की सांस ली। इससे पहले सुबह से लेकर दोपहर तक तापमान ने लोगों को बेहाल कर रखा था। बाजारों में भीड़ कम रही, लोग जरूरी काम निपटाकर घरों में दुबक गए। लेकिन शाम की ठंडी हवा और बूंदाबांदी ने पूरे माहौल को बदल दिया।
गंगापुरसिटी समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार शाम अचानक आए तेज अंधड़ और धूलभरी आंधी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। अंधड़ के चलते सड़कों पर आवाजाही थम गई और लोग सुरक्षित स्थानों पर दुबकने को मजबूर हो गए। घरों-दुकानों में मिट्टी घुस गई, जिससे सफाई और सामान बचाने की मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि दिनभर की भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को मौसम के इस बदलाव ने राहत तो दी, लेकिन साथ ही भारी परेशानी भी झेलनी पड़ी।
तेज हवाओं से कई कच्चे घरों के टीन-टप्पर उड़ गए और होर्डिंग्स धराशायी हो गए। घरों में रखा सामान भी उड़कर इधर-उधर बिखर गया। एकाएक आए अंधड़ से सड़क किनारे रेहड़ी लगाने वालों का विशेषकर खाने-पीने का सामान खराब हो गया। ऐसे में ग्राहकी भी प्रभावित हुई।
ग्राम मालियों की चौकी में आयोजित शादी समारोह में अंधड़ ने भारी तबाही मचाई। टेंट और शामियाने उड़ गए, पाइप गिरने से कुछ लोगों को चोटें आई। खाने-पीने का सामान नष्ट हो गया और रिश्तेदारों व ग्रामवासियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
यहां अस्पताल रोड पर पेड़ गिरने से इलाके की बिजली गुल हो गई। मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि इमरजेंसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुचारू रही। कई अन्य इलाकों में भी पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित रही और लोग भीषण गर्मी में घंटों परेशान होते रहे। विद्युत कर्मी रात तक विद्युत सप्लाई दुरुस्त करने की मशक्कत करते नजर आए।
Updated on:
01 May 2026 01:33 pm
Published on:
01 May 2026 01:33 pm
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