
बौंली. निकटवर्ती बागड़ोली ग्राम पंचायत मुख्यालय के चरागाह एवं श्मशान भूमी पर किए जा रहे अवैध बजरी स्टॉकों एवं ऑवरलोड बजरी निर्गमन पर रोक लगाने के लिए ग्रामीणों की शिकायत पर शुक्रवार देर शाम कार्यवाही करने पहुंची खनिज विभाग एवं परिवहन विभाग की टीमों पर बौंली पुलिस थाने से महज 5 किलोमीटर दूर बजरी माफियाओं ने हमला बोल कर जमकर पत्थर बाजी की। खनिज विभाग की टीम के प्रभारी एपी सिंह एवं परिवहन विभाग की टीम के इंस्पेक्टर महेश चन्द ने बताया कि पीपलवाडा, हथड़ोली, निमोद व राठौद के ग्रामीणों से लगातार पिछले कई माह से अवैध बजरी खनन एवं निर्गमन की शिकायतें उच्च स्तर पर मिल रहीं थीं।
बागड़ोली में राजस्व विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध बजरी स्टॉक करके जेसीबी मशीन से ट्रकों में बजरी भरवाई जा रही थी। शुक्रवार रात को विशेष टीमों का गठन करके बांस की पुलिया के मालियान ढ़ाणी गांव में नाकेबंदी करके बजरी के वाहनों की जांच की जा रही थी। बहनोली गांव से आ रहे बजरी भरकर 5 ट्रकों को रुकवाने के लिए हाथ दिया तो उसके पास बजरी की रॉयल्टी नहीं थी। वहीं अन्य 4 चार ट्रक नाकाबंदी तोड़ कर बौंली की तरफ भागने लगे। विभागीय टीम ने भी ट्रकों को पकडऩे के लिए उनका पीछा किया। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया की रवांसा गांव के पास बौंली की तरफ से एक बौलेरों जीप में सवार कुछ लोगों ने ट्रकों को बचाने के लिए खनिज एवं परिवहन विभाग की टीमों पर पत्थर बरसाना चालू कर दिया। जिससे ट्रक पकड़े नहीं जा सके और पुलिस थाने के सामने होकर कोडयाई की ओर अपने ट्रकों को भगा कर ले गए।
रिपोर्ट दर्ज कराई
खनिज विभाग के वरिष्ट भू वैज्ञानिक अजय प्रकाश सिंह ने घटना के बारे में बौंली थानाधिकारी को लिखित रिपोर्ट देकर मामला दर्ज करवाया। थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह चौहान ने बताया की मामला दर्ज कर लिया हैं। आरोपी ट्रक चालकों एव बौलरो का पता लगाकर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। बौंली पुलिस थाने के सामने से कोई अवैध बजरी के वाहन नहीं जाते हैं।
रात्रि में वनकर्मी व एसटीएफ के जवानों पर हमला
रणथम्भौर बाघ परियोजना क्षेत्र के बसौखुर्द गांव का मामला
मलारना डूंगर. रणथम्भौर बाघ परियोजना की कुण्डेरा रेंज के बसौ गांव में गुरुवार मध्य रात्रि गश्त कर रहे वनकर्मी व एसटीपीएफ के जवानों पर ग्रामीणों ने पथराव कर हमला कर दिया। हमले में एसटीपीएफ के चार जवानों के चोट आई है। वहीं वन विभाग का केन्टर भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना को लेकर क्षेत्रीय वन अधिकारी रेंज कुण्डेरा राजबहादुर मीना ने 14 आरोपितों के नामजद करते हुए पन्द्रह-बीस अन्य ग्रामीणों के खिलाफ राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने सहित मारपीट व सरकारी सम्पति को नुकसान पहुुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कराया है।
यह है मामला
पुलिस के अनुसार रेंजर कुण्डेरा राजबहादुर मीना ने बताया कि वे गुरुवार रात 10 बजे मय रेंजर व एसटीपीएफ के एक दर्जन से अधिक जवानों के साथ मय सरकारी वाहन कुण्डेरा रेंज गश्त कर रहे हैं। इस दौरान रात करीब साढ़े ग्यारह बजे बसौ कला मोड़ पर एक बिना नम्बर की ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध पत्थरों से भरा मिला। रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन चालक ट्रैक्टर को भगा कर बसौ खुर्दगांव में ले गया। पीछा कर ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ कर लाने लगे तो ट्रैक्टर चालक मीठालाल मीना ने शोर मचा कर परिवार वालों व ग्रामीणों को बुला लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने एसटीपीएफ के जवानों व वन कर्मियों पर पथराव कर हमला कर दिया।
यह हुए घायल
क्षेत्रीय वन अधिकारी राजबहादुर मीना ने रिपोर्ट में बताया कि ग्रामीणों के हमले में रामसिंह के सिर पर, करनाराम के हाथ व पैर पर, गोविंद के होंठ पर व सौभागमल के पीठ पर पत्थरों से व मारपीट से चोटें आई हैं।
यह है आरोपित
पुलिस के अनुसार वन कर्मियों ने ठण्डीराम पुत्र लट्टू मीना, मीठा लाल पुत्र श्योकरण मीना, चिरंजी लाल पुत्र श्योकरण मीना, मुरारी लाल पुत्र श्योकरण मीना, बत्ती लाल पुत्र श्योकरण मीना, मुनेश पुत्र शोभाग मीना, ऋषिकेश पुत्र शोभाग मीना, झण्डू पुत्र सूपडिय़ा मीना, मनराज पुत्र झण्डू मीना, रामराज पुत्र रामदयाल मीना, रामप्रसाद पुत्र आशाराम मीना, लेखराज उर्फ लक्ख्या पुत्र हीरा लाल, शंकर पुत्र मूल्या मीना, गिरधारी पुत्ररामजी लाल मीना निवासी बसौ खुर्दसहित पन्द्रह बीस अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
थाने के सामने बरसाते रहे पत्थर
खनिज एवं परिवहन विभाग की टीम से बचने के लिए बजरी माफियाओं ने सारी हदें पार करते हुए बिना किसी डर के उपखण्ड अधिकारी के निवास के सामने होकर थाने के सामने भी सरकारी वाहनों पर पत्थर बरसाना चालू रखा और कोडयाई की तरफ अपने ट्रकों को भगाने में सफल रहे। परिवहन विभाग की टीम ने बौलेरों एवं ट्रकों को पकडऩे के लिए कोडयाई गांव तक रेड की लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। दोनों विभागों की टीमों ने घटना का पूरा विडियों बनाकर उच्च अधिकारी को भेजकर अवगत करवा दिया। रवांसा गांव से लेकर कोडयाई तक बौलेरो सवार लोगों ने अवैध बजरी के ट्रकों को बचाने के लिए 10 किलोमीटर तक सरकारी गाडिय़ों पर पत्थर बरसाए।