सवाई माधोपुर

Good News: किसानों को मिलेगा 25% तक मुआवजा, जानें आवेदन की प्रक्रिया और आखिरी तारीख

योजना के तहत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। फसली ऋण (केसीसी) लेने वाले किसानों का बीमा संबंधित बैंक शाखा द्वारा स्वत: कर दिया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

PM Fasal Bima Yojana: किसानों को मिलेगा 25% तक मुआवजा, जानें आवेदन की प्रक्रिया और आखिरी तारीखकृषि विभाग की ओर से खरीफ 2025 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी की गई है। योजना के तहत तहसील क्षेत्र में केवल उड़द, बाजरा एवं तिल फसलों को अधिसूचित किया गया है।

सहायक कृषि अधिकारी विजय जैन ने बताया कि योजना के तहत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। फसली ऋण (केसीसी) लेने वाले किसानों का बीमा संबंधित बैंक शाखा द्वारा स्वत: कर दिया जाएगा। वे कृषक जिन्होंने फसली ऋण नहीं लिया है, वे अपना फसल बीमा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, निकटतम बैंक शाखा, सीएससी केंद्र या बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से करवा सकते हैं।

गैर-ऋणी कृषकों को बीमा आवेदन के साथ आधार कार्ड, नवीनतम जमाबंदी की नकल, स्वयं प्रमाणित घोषणा पत्र जिसमें खसरा संख्या, फसल क्षेत्र, मालिकाना विवरण एवं बीमा हित की प्रकृति (स्वयं या बंटाईदार) दर्ज हो तथा बैंक पासबुक की प्रति देना अनिवार्य होगा।

फसल बीमा योजना के अंतर्गत उड़द फसल के लिए प्रति हैक्टेयर बीमित राशि 36,405 रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर कृषक को 728.10 रुपये का प्रीमियम देना होगा। बाजरा फसल के लिए बीमित राशि 44,767 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा कृषक प्रीमियम 895.34 रुपये व तिल फसल के लिए बीमित राशि 38,640 रुपये और कृषक प्रीमियम 772.80 रुपये प्रति हैक्टेयर तय किया गया है। किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार वहन करेगी।

योजना में प्रावधान अनुसार यदि बुवाई किसी कारणवश बाधित या निष्फल रह जाती है तो बीमित राशि का 25 प्रतिशत तक क्षतिपूर्ति के रूप में बीमा कंपनी भुगतान करेगी। इसके अलावा बुवाई से लेकर कटाई तक की अवधि में फसल को बेमौसमी वर्षा, बाढ़, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आग या अन्य किसी प्राकृतिक आपदा से क्षति होती है, तो फसल कटाई प्रयोग के आधार पर क्षति का आंकलन कर बीमित कृषक को मुआवजा दिया जाएगा।

सहायक कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को किसी भी प्राकृतिक आपदा या क्षति की स्थिति में, घटना घटित होने के 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना कृषि रक्षक पोर्टल, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, हेल्पलाइन नंबर 14447, निकटतम कृषि कार्यालय या संबंधित बैंक शाखा में देनी होगी। ताकि मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया समय पर प्रारंभ हो सके।

Updated on:
18 Jul 2025 02:48 pm
Published on:
18 Jul 2025 02:48 pm
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