Rajasthan Budget : सवाईमाधोपुर जिले के रणथम्भौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर का अब जल्द ही कायाकल्प हो जाएगा। दरअसल, गुरुवार को प्रदेश सरकार की ओर से बजट पेश किया।
Rajasthan Budget : सवाईमाधोपुर जिले के रणथम्भौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर का अब जल्द ही कायाकल्प हो जाएगा। दरअसल, गुरुवार को प्रदेश सरकार की ओर से बजट पेश किया। इसमें वित्त मंत्री दीया कुमारी ने सवाईमाधोपुर के रणथम्भौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर को लेकर एक बड़ी सौगात दी है। बजट में सरकार की ओर से रणथम्भौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर के साथ- साथ प्रदेश के 20 मंदिरों तथा आस्था स्थलों के विकास करने की घोषणा की गई है। ऐसे में अब जल्द ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।
300 करोड़ का किया प्रावधान
बजट में सरकार की ओर से प्रदेश के बीस मंदिरों के विकास और वहां श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को विकसित करने के लिए कुल 300 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। इनमें सवाईमाधोपुर के रणथम्भौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर के अतिरिक्त दौसा का मेंहदीपुऱ बालाजी, पाली का रणकपुर, टोंक का डिग्गी कल्याण, डूंगरपुर का बणेश्वर धाम, जैसलमैर का रामदेवरा, नागौर का तेजाजी मंदिर, जलदेवी मंदिर राजसंमद, जयपुर के गोविंद देव मंदिर आदि को शामिल किया गया है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर फोकस
बजट में सरकार की ओर से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया गया है। वहीं हमारा जिला भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में इस सूची में रणथम्भौर दुर्ग स्थित विश्व के एक मात्र त्रिनेत्र गणेश मंदिर को भी शामिल किया गया है। साथ ही रणथम्भौर दुर्ग भी अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्व विख्यात है।
सालों से उठ रही थी मांग
त्रिनेत्र गणेश मंदिर और रणथम्भौर दुर्ग के विकास की सालों से लगातार मांग की जा रही है। इस संबंध में पूर्व में कई बार शहर के प्रबुद्धजनों की ओर से मंत्रियों व अन्य जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया। अब बजट में इस संबंध में घोषणा होने के बाद उम्मीदों को एक बार फिर से पंख लगे हैं।
आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
त्रिनेत्र गणेश मंदिर के मुख्य महंत बृजकिशोर दाधीच व महंत संजय दाधीच एवं प्रधान सेवक हिमांशु गौतम ने कहा है कि इससे आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे गणेश भक्तों मे ख़ुशी का माहौल हैं। मंदिर से जुड़े सभी को रोजगार में बढ़ावा मिलेगा।