
सवाईमाधोपुर। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी मिलीभगत के चलते ही प्रदेश में दलितों और आदिवासियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण को प्रभावहीन बना दिया गया है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों की सरकारें धन्ना सेठों के सहयोग से बनती हैं और चुनाव के बाद उनके हितों का ध्यान रखती हैं।
सवाईमाधोपुर के इंदिरा मैदान में कोटा-बूंदी- सवाईमाधोपुर क्षेत्र के बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली में मायावती ने अपने 25 मिनट के भाषण में आरक्षण को केंद्र में रखते हुए कहा कि कांग्रेस व भाजपा दोनों ही पार्टियां संविधान में मिली आरक्षण की सुविधा को प्रभावहीन बनाने व उसे खत्म करने की कोशिश में लगी हैं। यही कारण है कि अभी तक भी आऱक्षण का कोटा पूरा नहीं किया गया है।
एससी एसटी के लिए बने कानून को प्रभावहीन बना दिया है जिससे जुल्म और ज्यादति करने वाले का मनोबल बढ़ा है। मुस्लिम व अल्पसंख्यक वर्ग की हालत भी देश में अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की व्यवस्था लागू किए बिना ही ज्यादातर सरकारी कार्य प्राइवेट सेक्टर से ही करवाए जा रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर के कार्य भी बड़े बड़े पूंजीपतियों एवं धन्ना सेठों के माध्यम से ही हो रहे हैं।
मायावती ने ओबीसी वर्ग को संबोधित करते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण के लिए कांग्रेस के समय रिपोर्ट आई थी जिसे कांग्रेस ने दबाए रखा। इसे लागू करवाने के लिए हमारी पार्टी को संघर्ष करना पड़ा और तब वीपी सिंह के समय मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू हो पाई।
मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी पर जम कर प्रहार किए। मायावती ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के लागू होने से देश की अर्थव्यवस्था बुरा प्रभाव पड़ा है। केन्द्र की गलत आर्थिक नीतियों के कारण गरीबी, महंगाई और कालाबाजारी बढ़ी है। डीजल, पेट्रोल गैस की कीमतें बढ़ी हैं। केन्द्रीय योजनाओं से गरीबी बेरोजगारी दूर नहीं हुई है। भ्रष्टाचार हर स्तर पर बढ़ा है।