सवाई माधोपुर

रणथंभौर में थमीं सैलानियों की सांसें, आमने-सामने आए बाघ और बाघिन

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी पर आने वाले पर्यटकों को अक्सर रोमांचक नजारे देखने को मिलते हैं। वन्यजीवों के इस अनूठे अनुभव के लिए देश-विदेश से सैलानी रणथंभौर पहुंचते हैं।
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फोटो पत्रिका नेटवर्क

सवाई माधोपुर। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी पर आने वाले पर्यटकों को अक्सर रोमांचक नजारे देखने को मिलते हैं। वन्यजीवों के इस अनूठे अनुभव के लिए देश-विदेश से सैलानी रणथंभौर पहुंचते हैं। ऐसा ही बेहद रोमांचक दृश्य जोन नंबर दो में पर्यटकों को दिखा, जब बाघ टी-101 और बाघिन टी-105 के आमने-सामने दीदार हुए।

एक साथ बाघ और बाघिन को इतने नजदीक देखकर पर्यटक खासे रोमांचित नजर आए। इसी दौरान दोनों ने काफी देर तक अठखेलियां कीं और कई बार उत्तेजित व्यवहार भी देखने को मिला। कुछ समय के लिए बाघ और बाघिन पर्यटक वाहनों के बेहद करीब आ गए, जिससे सैलानियों की सांसें थम गईं।

रोमांच उस समय और बढ़ गया, जब एक बाघ ने बाघिन को चुनौती देते हुए पर्यटक वाहनों के बीच से दौड़ लगाकर दूसरी ओर छलांग लगा दी। बाघिन ने भी चुनौती स्वीकार की और बाघ का पीछा करते हुए दूसरी तरफ जा पहुंची। वहां मौजूद दूसरे बाघ ने पहले बाघ को दहाड़ मारकर लड़ने की चुनौती दी। हालांकि, बाघिन के घबराकर बैठ जाने से दोनों बाघों के बीच संभावित टकराव टल गया।

यदि ऐसा नहीं होता, तो दोनों के बीच गंभीर संघर्ष भी हो सकता था। बाघों के इस आक्रामक और असामान्य व्यवहार को देखकर पर्यटकों ने डर और रोमांच का अनोखा अनुभव किया। मौके पर मौजूद कई पर्यटकों ने पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया।

रणथंभौर के उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि यह घटना रणथंभौर के जोन नंबर दो की है, जहां बाघ टी-101 और बाघिन टी-105 के बीच कुछ समय के लिए टकराव की स्थिति बनी थी, लेकिन आपसी संघर्ष नहीं हुआ और स्थिति सामान्य हो गई।

Updated on:
20 Jan 2026 07:45 pm
Published on:
20 Jan 2026 07:45 pm
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