
हत्या के बाद आक्रोशित लोग। फाइल फोटो- पत्रिका नेटवर्क
सवाई माधोपुर। जिले के बौंली थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय महिला की निर्मम हत्या और लूट की गुत्थी पुलिस ने चार दिन में सुलझा ली। वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि महिला का पड़ोसी निकला, जिसने कर्ज चुकाने के लिए दस दिन तक साजिश रची थी। एसपी अनिल कुमार ने बताया कि कोड्याई गांव निवासी कमला देवी (75) पत्नी रामनिवास मीणा की हत्या के मामले में पड़ोसी रामलाल जोगी पुत्र गोपी जोगी को दतवास से गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार कमला देवी 3 फरवरी को जंगल में बकरियां चराने गई थीं। उन्होंने पैरों में चांदी के कड़े और शरीर पर सोने-चांदी के आभूषण पहन रखे थे। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश की तो वह खेत में मृत अवस्था में मिलीं। उनका गला कटा हुआ था और दोनों पैरों के पंजे शव से कुछ दूरी पर पड़े थे। पैरों से करीब ढाई किलो चांदी के कड़े और गले में पहनी लगभग चार तोला सोने की ज्वेलरी गायब थी। इस संबंध में उनके बेटे हंसराज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले की जांच के लिए एएसपी नीलकमल मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। घटनास्थल के पास खड़ी एक मोटरसाइकिल जांच में अहम सुराग साबित हुई, जो रामलाल की निकली। ग्रामीणों ने भी उसे आखिरी बार कमला देवी के साथ देखा था। पूछताछ में सामने आया कि रामलाल के परिवार से घनिष्ठ संबंध थे और उसने कमला देवी के बेटे से करीब ढाई लाख रुपए उधार ले रखे थे। कर्ज चुकाने के दबाव में उसने हत्या और लूट की योजना बनाई। उसने करीब दस दिन पहले ही सरसों के खेत में कुल्हाड़ी छिपा दी थी।
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एसपी के अनुसार घटना वाले दिन रामलाल कच्चे रास्ते से मोटरसाइकिल लेकर खेत के पास पहुंचा और बाइक को करीब एक किलोमीटर दूर खड़ा कर दिया। वह कमला देवी के पास गया और पहले उनके साथ बीड़ी पी। मौका मिलते ही उसने सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे वह बेहोश हो गईं। इसके बाद आरोपी ने उनके दोनों पैरों के पंजे काट दिए, गला रेत दिया और आभूषण लेकर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद से ही रामलाल संदेह के घेरे में था। परिवार से करीबी संबंध होने के बावजूद वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ, जिससे शक और गहरा गया।
Updated on:
07 Feb 2026 06:23 pm
Published on:
07 Feb 2026 06:23 pm
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