
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर और अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व को ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों तक पहुंचाने और उन्हें सफारी के लिए आकर्षित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वन विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। अब एक्सप्रेस-वे पर भी रणथम्भौर और सरिस्का का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए एक्सप्रेस-वे पर खास जगहों का चयन कर बड़े होर्डिंग्स लगाने की योजना बनाई गई है। योजना के पहले चरण के लिए वन विभाग ने 20 लाख रुपए से अधिक का बजट जारी किया है। इस पहल के जरिए एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले लोगों को टाइगर रिजर्व के बारे में जानकारी मिलेगी और उन्हें यहां आने के लिए आकर्षित किया जाएगा।
योजना के तहत एक्सप्रेस-वे पर ऐसी प्रमुख और रणनीतिक जगहों का चयन किया जाएगा, जहां से गुजरने वाले लोगों की नजर आसानी से इन होर्डिंग्स पर पड़ सके। इन स्थानों पर रणथम्भौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व से जुड़े बड़े होर्डिंग्स लगाए जाएंगे। इनमें रणथम्भौर के वन्यजीवों और यहां की समृद्ध जैव विविधता के साथ-साथ जलवायु, सफारी का समय और दूसरी जरूरी जानकारियां भी दी जाएंगी। इससे एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले पर्यटकों को टाइगर रिजर्व से जुड़ी अहम जानकारी रास्ते में ही आसानी से मिल सकेगी और वे सफारी की योजना बना सकेंगे।
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस योजना का मुख्य उद्देश्य टाइगर प्रोजेक्ट का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करना है, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले अधिक से अधिक पर्यटक रणथम्भौर और सरिस्का का रुख करें। एक्सप्रेस-वे पर लगाए जाने वाले होर्डिंग्स के जरिए लोगों को टाइगर रिजर्व के बारे में जानकारी मिल सकेगी और वे यहां की सफारी के लिए आकर्षित होंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से टाइगर रिजर्व की पहचान और ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार के निर्देशानुसार टाइगर रिजर्व के प्रचार-प्रसार के लिए एक्सप्रेस वे पर होर्डिंग्स लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही प्रमुख मार्गों पर ये होर्डिंग्स नजर आएंगे। -संजीव शर्मा, उपवन संरक्षक (पर्यटन) रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।