
Sawai Madhopur Saras Dairy: सवाईमाधोपुर शहर में सरस दूध की बिक्री में निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने का मामला सामने आया है। आधा लीटर सरस दूध की थैली पर कंपनी की ओर से 27 रुपए का प्रिंट रेट अंकित होने के बावजूद कई सरस बूथों पर उपभोक्ताओं से इसके 30 रुपए लिए जा रहे हैं। यानी प्रत्येक थैली पर तीन रुपए अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। रोजाना दूध खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह महज तीन रुपए का मामला नहीं है, बल्कि लगातार खरीदारी करने पर महीनेभर में उनकी जेब से करीब 90 रुपए अतिरिक्त निकल रहे हैं।
दूध रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु होने के कारण अधिकांश परिवार नियमित रूप से इसकी खरीदारी करते हैं। ऐसे में यदि हर दिन आधा लीटर की एक थैली पर तीन रुपए अधिक लिए जाएं तो एक महीने में करीब 90 रुपए और सालभर में करीब 1,095 रुपए अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं।
उपभोक्ता रमेश, श्याम, अशोक आदि ने बताया कि कई बूथ संचालकों से जब दूध की थैली पर अंकित कीमत से अधिक राशि लेने का कारण पूछा जाता है तो संतोषजनक जवाब देने के बजाय टालने वाला रवैया अपनाया जाता है। कुछ उपभोक्ताओं के अनुसार बूथ संचालकों की ओर से यहां तक कहा जाता है कि, 'लेना है तो लो, नहीं तो मत लो। जहां शिकायत करनी है, कर दो।' इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि दूध जैसी आवश्यक वस्तु के लिए वे रोजाना बूथ पर पहुंचते हैं। ऐसे में यदि निर्धारित कीमत पर दूध उपलब्ध नहीं कराया जाए तो उनके सामने दूसरा विकल्प तलाशने की स्थिति बन जाती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि सरस दूध की बिक्री करने वाले बूथों पर कीमतों और बिक्री व्यवस्था की नियमित निगरानी जरूरी है। यदि बूथ संचालकों की समय-समय पर जांच हो और निर्धारित कीमत से अधिक राशि लेने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए तो मनमानी पर रोक लग सकती है। फिलहाल कई उपभोक्ता अतिरिक्त राशि देकर दूध खरीदने को मजबूर हैं।
शहर में सरस डेयरी के 60 से अधिक बूथ संचालित बताए जा रहे हैं, जबकि इनमें से करीब 30 बूथ वर्तमान में संचालित हैं। सड़क निर्माण के चलते नगर परिषद की ओर से सड़क किनारे संचालित कुछ बूथों को बंद कराया गया है। ऐसे में जो बूथ वर्तमान में संचालित हैं, वहां दूध की बिक्री व्यवस्था और कीमतों की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सभी संचालकों को निर्धारित कीमत पर ही दूध बेचने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में ग्रुप पर भी संदेश भेजकर स्पष्ट हिदायत दी है। यदि किसी बूथ पर प्रिंट रेट से अधिक राशि लेकर दूध बेचते पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
-सुरेन्द्र सिंह राजावत, मार्केटिंग हेड, सवाईमाधोपुर-करौली