
सवाईमाधोपुर.RANTHAMBORE HINDI NEWSरणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में आगामी पर्यटन सत्र से मुख्य जोन एक से पांच तक में फुल डे- हॉफ डे सफारी नहीं होगी। यह निर्णय गुरुवार को जयपुर में पीसीसीएफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है। हालांकि अभी फुल डे हॉफ डे सफारी को पूर्णतया बंद करने को लेकर फैंसला नहीं किया गया है। रणथम्भौर के बाहरी जोनों में फुलडे- हॉफ डे सफारी जारी रखी जा सकती है। हालांकि अभी तक इस पर भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बैठक में रणथम्भौर बाघ परियोजना के सीसीएफ मनोज पाराशर व उपवन संरक्षक मुकेश सैनी भी मौजूद थे। गौरतलब है कि पूर्व में यह बैठक 20 जुलाई को होनी थी लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया था।
बाहरी जोनों को लेकर निर्णय जल्द
रणथम्भौर के बाहरी जोन (6से10) में भी फुल डे हॉफ डे सफारी को बंद किया जाएगा या इसे पूरी तरह से बंद किया जाएगा। इस पर अ वन अधिकारी एक दो दिन में अंतिम निर्णय करेंगे। हालांकि यदि बाहरी जोनों में फुल डे हॉफ डे सफारी जारी भी रखी जाती है तो भी वाहनों के कोटे में कमी की जाएगी।
वाहनों की मॉडल कंडीशन बढ़ाई
बैठक में फुल डे हॉफ डे सफारी के अतिरक्त रणथम्भौर में पर्यटन वाहनोंं की मॉडल कंडीशन को लेकर भी चर्चा की गई। विभाग की ओर से रणथम्भौर में पर्यटन वाहनों की मॉडल कंडीशन में अब एक साल का इजाफा किया गया है यानि आगामी पर्यटन सत्र से वाहन रणथम्भौर में छह साल तक चल सकेंगे।
लम्बे समय से उठ रही थी मांग
रणथम्भौर में लम्बे समय से फुल डे- हॉफ डे सफारी को बंद करने व वाहनोंं की मॉडल कंडीशन को बढ़ाने की मांग उठ रही थी। रणथम्भौर के अतिरिक्त एमपी व अन्य कई राज्योंं के टाइगर रिजर्व में वाहनों की मॉडल कंडीशन दस साल तक है।
एनटीसीए ने भी जताया था विरोध
गत दिनों एनटीसीए व डब्ल्यूआईआई की ओर से जारी की गई सर्वे रिपोर्ट में रणथम्भौर की रेटिंग गिर कर गुड से महज फेयर रह गई थी। रिपोर्ट में इसका कारण फुल डे हॉफ डे सफारी को भी माना गया था। इसके बाद से ही फुल डे हॉफ डे सफारी को बंद करने की मांग तेज हो गई थी।
पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
राजस्थान पत्रिका ने भी पूर्व में कई बार फुल डे हॉफ डे सफारी से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में समाचार प्रकाशित कर इस समस्या को उठाया था।फुल डे हॉफ डे सफारी के कारण जंगल में दिन भर वाहनों के जमावड़े के कारण वन्यजीव परेशान होकर जंगल से बाहर निकल रहे थे। वहीं मॉडल कंडीशन के मामले को भी पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इनका कहना है....
रणथम्भौर में एक से पांच जोन में फुल डे-हॉफ डे सफारी को बंद कर दिया गया है। बाहरी जोनों के बारे में जल्द ही फैंसला लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त वाहनों की मॉडल कंडीशन भी बढ़ाई गई है।
- अरिदंम तोमर, पीसीसीएफ, जयपुर।