Ranthambore: रणथम्भौर बाघ परियोजना में पिछले दो दिनों से देशी-विदेशी पर्यटकों की बम्पर आवक हो रही है।
सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर बाघ परियोजना में पिछले दो दिनों से देशी-विदेशी पर्यटकों की बम्पर आवक हो रही है। अवकाशों के चलते तीन दिन का वीकेंड होने से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बाघों की नगरी इन दिनों पर्यटकों से गुलजार बनी हुई है।
वन विभाग के अनुसार अधिक से अधिक पर्यटकों को पार्क भ्रमण का अवसर देने के लिए वीआईपी कोटे में जिप्सियों की संख्या घटाकर कैंटर की संख्या बढ़ाई गई है। इससे बड़ी संख्या में पर्यटक पार्क भ्रमण कर पा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बीते दो दिनों में चारों पारियों को मिलाकर करीब छह हजार पर्यटक पार्क भ्रमण पर गए हैं। रविवार को भी बुकिंग पूरी तरह फुल है और तीन हजार से अधिक पर्यटकों के आने की संभावना है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि रणथम्भौर में सूखा जंगल होने और यहां बाघों की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण अन्य टाइगर रिजर्व की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक और आसानी से टाइगर साइटिंग होती है। यही कारण है कि रणथम्भौर देशी-विदेशी पर्यटकों और सेलिब्रिटीज की पहली पसंद बना हुआ है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।
रणथम्भौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों में छह हजार से अधिक पर्यटक पार्क भ्रमण कर चुके हैं और रविवार को भी तीन हजार से अधिक पर्यटकों के आने की संभावना है।
इधर, परियोजना में वन्यजीवों के अद्भुत नजारे देखने को मिलते रहते हैं। शुक्रवार शाम की पारी में पार्क भ्रमण पर गए पर्यटकों को जोन नंबर छह में ऐसा ही रोमांचक दृश्य देखने को मिला, जब एक पैंथर ने अपने से दोगुना वजनी चीतल का शिकार कर लिया। सफारी के दौरान पर्यटक सोलेश्वर तिराहे पर पहुंचे, जहां झाड़ियों में पैंथर शिकार के लिए घात लगाए बैठा था। उसी समय पास में एक चीतल बैठा हुआ था। महज एक मिनट में ही पैंथर ने चीतल पर हमला कर उसकी गर्दन दबोच ली।
पैंथर ने अपने दांतों से चीतल की गर्दन को जकड़कर उसे ढेर कर दिया और शिकार का आनंद उठाने लगा। इस पूरे घटनाक्रम को देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे और उन्होंने इसे अपने कैमरों में कैद कर लिया। गौरतलब है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पैंथर की संख्या बाघों की तुलना में कहीं अधिक हैं। यहां पैंथर की संख्या लगभग 170 के आसपास बताई जाती है, जो बाघों की संख्या से दोगुनी से भी ज्यादा है। यही कारण है कि पर्यटकों को यहां पैंथर के दीदार अक्सर हो जाते हैं।