
सवाईमाधोपुर. शिक्षा विभाग ने स्कूलों में नई पहल की है। अब सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को झाड़ू नहीं लगानी पड़ेगी। विद्यालय अपने स्तर पर 1200 रुपए प्रतिमाह तक में एक सफाई कर्मचारी रख सकेंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी कर दिए हैं। यह व्यवस्था नए सत्र से ही शुरू करनी होगी। पहले हर माह इतने बजट का प्रावधान नहीं था। इस कारण कई विद्यालयों में मजबूरी में विद्यार्थी ही झाडू लगाते थे।
आदेश के अनुसार विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) एवं विद्यालय विकास कोष एवं प्रबंधन समिति (एसडीएमसी) भवन, कक्षा-कक्ष, परिसर, शौचालयों की संख्या व नामांकन की जरूरत के अनुसार सफाई के लिए किसी व्यक्ति की सेवा लेगी। पार्ट टाइम वर्क के अनुसार अकुशल कार्य में अधिकतम बारह सौ रुपए मासिक की दर से ही भुगतान किया जाएगा। राशि व्यवस्था एसएमसी, एसडीएमसी, भामाशाह के माध्यम से की जाएगी। विद्यालय विकास कोष, विद्यार्थी कोष, रमसा, स्वच्छता, वार्षिक अनुदान या जनसहयोग से राशि खर्च की जाएगी।
खरीदेंगे फिनायल-साबुन
सत्र के आरंभ में एसएमसी व एसडीएमसी की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। सिंगल कोटेशन के जरिए झाडू, फिनाइल, साबुन व अन्य सहायक सामग्री भी खरीदी जाएगी। टंकी में पानी चढ़ाने के लिए मोटर आदि की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से करनी होगी।
संस्था प्रधान करेंगे मॉनिटरिंग
विद्यालयों में रखे जाने वाले सफाई कर्मियों की मॉनिटरिंग संबंधित संस्था प्रधान करेंगे। इस दौरान रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही सफाई कर्मचारियों का भुगतान किया जाएगा।
तीन सदस्य करेंगे अवलोकनविद्यालय में सफाई का नियमित अवलोकन किया जाएगा। एक रजिस्टर का संधारण किया जाएगा। इसमें प्रतिदिन सफाई की स्थिति अंकित की जाएगी। अवलोकन का कार्य तीन सदस्य करेंगे। इनमें से एक एसएमसी या एसडीएमसी का सदस्य, एक शिक्षक व एक विद्यार्थी होगा। तीनों के प्रमाणीकरण के बाद ही सफाई कार्य का भुगतान किया जाएगा।
नए सत्र से ही स्कूलों में संविदा पर सफाई कर्मचारी रखने के आदेश आए है। प्रतिमाह सफाई कार्मिकों को 1200 रुपए देय होगी। यह राशि व्यवस्था एसएमसी, एसडीएमसी, भामाशाह के माध्यम से की जाएगी।
अशोक शर्मा, एडीईओ माध्यमिक, सवाईमाधोपुर